• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब मनाई जाएगी अजा एकादशी, जानें व्रत पारण का समय

Writer D by Writer D
28/08/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Devuthani Ekadashi

Devuthani Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर साल कुल 24 एकादशी व्रत आते हैं। हर महीने दो एकादशी आती हैं। हर एकादशी का अलग-अलग महत्व शास्त्रों में वर्णित है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का भी विशेष महत्व है। भादो मास की इस एकादशी को अजा एकादशी (Aja Ekadashi )  कहते हैं। मान्यता है कि इस एकादशी को करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।

एकादशी तिथि कब से कब तक

एकादशी तिथि 29 अगस्त को सुबह 01 बजकर 19 मिनट से 30 अगस्त को सुबह 01 बजकर 37 मिनट तक रहेगी। अजा एकादशी व्रत 29 अगस्त 2024 को है।

अजा एकादशी v व्रत पारण का समय-

अजा एकादशी (Aja Ekadashi )  व्रत का पारण 30 अगस्त 2024 को किया जाएगा। व्रत पारण का समय सुबह 07 बजकर 49 मिनट से सुबह 08 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय सुबह 07 बजकर 49 मिनट है।

एकादशी व्रत समाप्त करने को व्रत पारण कहा जाता है। एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत पारण किया जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना जरूरी होता है। अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गई तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही समाप्त होता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर न करना पाप समान होता है।

हरिवासर के दौरान एकादशी व्रत का खोलें-

एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान नहीं करना चाहिए। जो भक्त एकादशी व्रत करते हैं उन्हें व्रत खोलने के लिए पहले हरि वासर के समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए। हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई की अवधि है। व्रत पारण के लिए समय सबसे उत्तम समय सुबह का होता है।

एकादशी तिथि के दिन बन रहे ये शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त- 04:27 ए एम से 05:12 ए एम

प्रातः सन्ध्या – 04:50 ए एम से 05:57 ए एम

अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:46 पी एम

विजय मुहूर्त- 02:29 पी एम से 03:20 पी एम

गोधूलि मुहूर्त- 06:45 पी एम से 07:07 पी एम

सायाह्न सन्ध्या- 06:45 पी एम से 07:52 पी एम

अमृत काल- 06:20 ए एम से 07:59 ए एम

निशिता मुहूर्त- 11:59 पी एम से 12:43 ए एम, अगस्त 30

सर्वार्थ सिद्धि योग- 04:39 पी एम से 05:57 ए एम, अगस्त 30

Tags: Aja Ekadashi 2024Aja Ekadashi dateAja Ekadashi muhurat
Previous Post

गणेश चतुर्थी के दिन करें ये उपाय, हर काम में मिलेगी सफलता

Next Post

कब है भादो का पहला प्रदोष व्रत, जानें पूजन विधि व सामग्री लिस्ट

Writer D

Writer D

Related Posts

Lord Vishnu
धर्म

गुरुवार को ना करें कोई गलती, वरना सुख-समृद्धि का हो जाएगा नाश

13/08/2026
Shivling
Main Slider

Sawan: महादेव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें

13/08/2026
Sawan
Main Slider

नहीं रख पा रहे सावन के सोमवार के व्रत, तो पुण्य पाने के लिए करें ये काम

13/08/2026
Sawan
धर्म

सावन में करें इन मंत्रो का जाप, भोले बाबा करेंगे हर संकट का अंत

12/08/2026
Waxing
फैशन/शैली

वैक्सिंग के बाद भी पैर नहीं दिखते खूबसूरत, तो ट्राई करें ये टिप्स

12/08/2026
Next Post
Shani Pradosh Vrat

कब है भादो का पहला प्रदोष व्रत, जानें पूजन विधि व सामग्री लिस्ट

यह भी पढ़ें

Maha Kumbh

महाकुम्भ में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु ले चुके हैं लेजर लाइट शो का आनंद

20/02/2025
PM Modi watched Ramlala's 'Surya Abhishek' online

रामलला का दिव्य सूर्याभिषेक, पीएम मोदी ने ऑनलाइन देखा अद्भुत नजारा

17/04/2024

‘कश्मीर में है शीना बोरा है’, इंद्राणी मुखर्जी के दावे से मचा हड़कंप

16/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version