देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से संबंधित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में मानकीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन, सरकारी खरीद में गुणवत्ता मानकों के अनुपालन तथा उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया में निर्धारित प्रोक्योरमेंट रूल्स के साथ-साथ संबंधित भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) मानकों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
विभागीय अधिकारियों के लिए होंगी कार्यशालाएं
मुख्य सचिव ने BIS को संबंधित विभागों के साथ नियमित कार्यशालाएं आयोजित करने और इस संबंध में आवश्यक एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों और कार्मिकों को BIS मानकों तथा Quality Control Orders (QCOs) के संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने इंडस्ट्री और ट्रेडर्स के साथ भी कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें BIS मानकों एवं क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स की जानकारी देने के निर्देश दिए। कार्यशालाओं में BIS के विशेषज्ञ और सक्षम रिसोर्स पर्सन उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि प्रतिभागियों को मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उनके अनुपालन की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग को निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे गुणवत्ता मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन को संस्थागत रूप दिया जा सके।
जिलाधिकारियों के साथ भी किया जाए समन्वय
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि BIS से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और सूचनाएं सभी संबंधित विभागों तक नियमित रूप से पहुंचाई जाएं। साथ ही संबंधित सचिवों के साथ नियमित संवाद और समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि विभागीय स्तर पर BIS मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि BIS द्वारा जिलाधिकारियों के साथ आयोजित की जाने वाली बैठकों में भी इस विषय पर प्रस्तुतिकरण किया जाए, ताकि जनपद स्तर पर भी मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।
उपभोक्ताओं को BIS CARE ऐप के प्रति जागरूक करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की पहचान के संबंध में जागरूक करना आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने BIS CARE ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि BIS CARE ऐप उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता और प्रमाणिकता से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम है। इसके माध्यम से उपभोक्ता उत्पादों पर अंकित ISI मार्क और लाइसेंस नंबर, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के R-नंबर तथा स्वर्ण आभूषणों पर अंकित HUID नंबर का सत्यापन कर सकते हैं।
इसके अलावा ऐप के माध्यम से भारतीय मानकों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, BIS कार्यालयों एवं प्रयोगशालाओं की जानकारी देखने तथा नकली ISI मार्क, मानकों के उल्लंघन या अन्य अनियमितताओं के संबंध में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध है।
मुख्य सचिव ने कहा कि BIS CARE ऐप के व्यापक प्रचार से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की खरीद के लिए आवश्यक जानकारी मिल सकेगी और वे प्रमाणित उत्पादों की पहचान भी आसानी से कर सकेंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, BIS के उपमहानिदेशक नॉर्थ दीपक कुमार सिंघला, निदेशक एवं DHBO हेमंत बी. अदे, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, रुचि मोहन रयाल, झरना कामठान, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड से पंकज गुप्ता, CSIR-CBRI रुड़की से डॉ. नवल किशोर बंजारा और IIT रुड़की से डॉ. आशुतोष शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।









