• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अर्जुन ने किया श्रीराम का अपमान, तो हनुमान जी ने किया ऐसा

Desk by Desk
06/11/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
hanuman ji

hanuman ji

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। पौराणिक मान्यता है कि पवनपुत्र हनुमान अजर-अमर हैं। वे लंका युद्ध के समय अपने प्रभु श्रीराम की सेवा के लिए त्रेतायुग में उपस्थि​त थे। श्रीराम ने जब जल समाधि ली, तो हनुमान जी को यहीं पृथ्वी पर रुकने का आदेश दिया। तब से माना जाता है कि हनुमान जी पृथ्वी पर ही वास करते हैं।

द्वापर युग में जब उनको पता चला था ​कि उनके ही प्रभु श्री कृष्ण अवतार में पृथ्वी पर दोबारा अवतरित हुए हैं, तो वे अत्यंत प्रसन्न हुए। कहा जाता है कि महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण की इच्छा के अनुरुप बजरंगबली अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजमान रहे। इससे जुड़ा एक प्रसंग आनंद रामायण में मिलता है, जिसमें हनुमान जी अर्जुन के घमंड को तोड़ते हैं।

एक बार रामेश्वरम में अर्जुन की मुलाकात हनुमान जी से होती है। दोनों लोगों में लंका युद्ध को लेकर चर्चा होने लगी। अर्जुन को उस समय स्वयं पर संसार का सबसे बड़ा धनुर्धर होने का अभिमान था। बातचीत में उन्होंने हनुमान जी से कहा कि आपके प्रभु राम तो बड़े वीर योद्धा और धनुर्धर थे, तो उन्होंने लंका जाने के लिए बाणों से ही सेतु निर्माण क्यों नहीं कर दिया। इस पर हनुमान जी ने कहा कि बाणों का पुल वानर सेना के भार को सहन नहीं कर पाता। तब अर्जुन ने घमंड से कहा कि वे तो बाणों की ऐसा पुल बना देते, जो टूटमा ही नहीं।

अर्जुन ने हनुमान जी से कहा कि सामने तालाब में वह बाणों का पुल तैयार करके दिखाते हैं, वह आपका भार सहन कर लेगा। उस समय हनुमान जी अपने सामान्य रुप में थे। अभिमान से चूर अर्जुन ने अपने बाणों से तालाब पर एक सेतु बना दिया और हनुमान जी को चुनौती दी। अर्जुन के बनाए सेतु को देखकर हनुमान जी ने कहा कि यदि यह सेतु उनका वजन सहन कर लेगा, तो वे अग्नि में प्रवेश कर जाएंगे और यह टूट जाता है तो तुमको अग्नि में प्रवेश करना होगा। अर्जुन ने शर्त स्वीकार कर ली।

Tags: Hanuman Destroyed Arjuna ArroganceHanuman jihanuman ji ne toda arjun ka ghamandLifestyle and RelationshipLord HanumanLord Hanuman And Arjun Storymahabharat
Previous Post

यूपी पुलिस के निशाने पर डॉन अबू सलेम, खंगाल रही है अवैध संपत्तियों का ब्योरा

Next Post

बिकरू कांड : SIT ने की प्रशासन के अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश, रिपोर्ट आने से मचा हड़कंप

Desk

Desk

Related Posts

Basket Chaat
Main Slider

लखनऊ की बास्केट चाट का पूरा देश है दीवाना, घर पर ले इस स्ट्रीट फूड का मजा

03/07/2026
rose tea
फैशन/शैली

ये चाय रोगों को करती है दूर, जानें बनाने का तरीका

03/07/2026
coconut oil for skin
फैशन/शैली

हर मौसम स्किन करेगी ग्लो, करें इसका इस्तेमाल

03/07/2026
washing clothes
फैशन/शैली

बरसात में कपड़ों को महकाने के लिए इनका करें इस्तेमाल

03/07/2026
Strawberry
फैशन/शैली

बेदाग निखरी त्वचा के लिए चेहरे पर लगाएं ये फेस पैक

03/07/2026
Next Post

बिकरू कांड : SIT ने की प्रशासन के अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश, रिपोर्ट आने से मचा हड़कंप

यह भी पढ़ें

Economy

यूपी बनेगा देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन

12/04/2025
accident

तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, तीन लोगों की मौत

27/03/2021
Chandra Grahan

चंद्रग्रहण पर करें इन चीजों का दान, जीवन से दूर हो जाएंगी परेशानियां

24/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version