• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पंचामृत और चरणामृत से जुड़ी इन गलतियों से लड्डू गोपाल हो जाएंगे रुष्ट

Writer D by Writer D
10/08/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Laddu Gopal

Laddu Gopal

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लड्डू गोपाल (Laddu Gopal) की सेवा का विशेष महत्व है। लोग गोपाल को बहुत सेवा भाव से पूजते हैं। लड्डू गोपाल को लोग कई चीजों से स्नान करवाते हैं। अधिकतर लोग गोपाल जी को पंचामृत और साधारण जल से स्नान करवाते हैं, ऐसे में लड्डू गोपाल के पंचामृत और चरणामृत से जुड़ी ये गलतियां जरूर करते हैं। बता दें कि लोग बहुत साधारण गलतियां करते है, जिससे लड्डू गोपाल (Laddu Gopal)  नाराज भी हो सकते हैं, साथ ही पूजा का फल भी नहीं मिलेगा। ऐसे में आप पंचामृत और चरणामृत से जुड़ी इन गलतियों को न दोहराएं।

कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए

चरणामृत और पंचामृत को कभी भी कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए, यदि आप चरणामृत और पंचामृत का सेवन नहीं कर पा रहे हैं, तो आप उसे किसी पवित्र स्थान या पेड़ पर डाल दें।

किसी भी जानवर को न दें

चरणामृत और पंचामृत यदि अधिक है और यह लोगों में बांटने के बाद भी बचा हुआ है, तो उसे किसी भी जानवर के आगे न डालें। किसी भी जानवर को देने से चरणामृत और पंचामृत का अपमान होता है। ऐसे में यदि चरणामृत और पंचामृत अधिक है तो उसे गाय या उसके बछड़े को दे सकते हैं।

शुद्ध दही और दूध का उपयोग करें

पंचामृत बनाने के लिए आपको शुद्ध दही और दूध का उपयोग करें। दूध हमेशा ताजा और बिना पका हुआ होना चाहिए। वहीं दही भी ताजी और शुद्ध हो, 2-3 पहले का पुरानी या बासी दही का उपयोग न करें।

शुद्ध जल से बनाएं चरणामृत

चरणामृत लड्डू गोपाल (Laddu Gopal)  को स्नान करते हुए जल को कहा जाता है। आप जब भी लड्डू गोपाल को स्नान करवाएं तब ताजे एवं शुद्ध पानी का उपयोग करें। कभी भी गंदे या अशुद्ध पानी का उपयोग न करें।

आसन पर बैठकर ही लड्डू गोपाल (Laddu Gopal)  को स्नान

जब भी लड्डू गोपाल (Laddu Gopal) को चरणामृत और पंचामृत से स्नान करवाएं आसन ग्रहण कर बैठ जाएं। बैठने के बाद भाव और प्रेम पूर्वक उन्हें चरणामृत या पंचामृतसे स्नान करवाएं। कभी भी लड्डू गोपाल को शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान करवाएं तो स्वयं आसन जरूर ग्रहण करें।

इस तरह से करें चरणामृत और पंचामृत का पान

लड्डू गोपाल (Laddu Gopal) को स्नान कराने के बाद चरणामृत को हमेशा हथेली को ज्ञान मुद्रा में करके ग्रहण करें। इसके अलावा पंचामृत को हथेली में लेकर ग्रहण करें।

Tags: AstrologyAstrology tipsJanmashtami 2024
Previous Post

इस दिन मनाई जाएगी जन्माष्टमी, जानें पूजन का मुहूर्त

Next Post

जन्माष्टमी पर कान्हा को लगाएं घर के बने मक्खन का भोग

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव

23/10/2026
Main Slider

मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, बोले-नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी

23/10/2026
Main Slider

घरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, योगी सरकार ने बढ़ाया राजस्व सुधारों का दायरा

23/10/2026
Sharad Purnima
धर्म

कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व

23/10/2026
Glowing Face
फैशन/शैली

चेहरे पर चाहिए प्राकृतिक निखार, डाइट में शामिल करें शकरकंद

23/10/2026
Next Post
Makhan

जन्माष्टमी पर कान्हा को लगाएं घर के बने मक्खन का भोग

यह भी पढ़ें

arrested

दंगे की सूचना पर गोमतीनगर विस्तार पुलिस हलकान, सक्रियता आंकने के लिए की गई मॉक ड्रिल

19/01/2021
सीबीएसई CBSE

किसी भी समय जारी हो सकती हैं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तिथियां

22/11/2020
onion water

सिर दर्द में मिलेगा आराम, करें इस पानी का इस्तेमाल

07/05/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version