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राम मंदिर चंदा चोरी केस: अगले हफ्ते SC में पेश होगी SIT की अंतरिम रिपोर्ट

Writer D by Writer D
17/07/2026
in अयोध्या, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली
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Ram Mandir

Ram Mandir

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अयोध्या/नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के बड़े मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार की विशेष जांच दल (SIT) आगामी सोमवार को शीर्ष अदालत में अपनी अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। इस महा-घोटाले की कड़ियों को पूरी तरह सुलझाने और जांच को अंतिम नतीजे तक पहुंचाने के लिए एसआईटी ने अपनी ‘फाइनल रिपोर्ट’ जमा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से कुछ और अतिरिक्त विधिक समय मांगा है।

न्यायिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले भारी दान और चढ़ावे में हुई कथित धांधली से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को अंतरिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, अदालत के आगामी विधिक निर्देशों के आधार पर ही इस जांच का अगला चरण और दिशा तय होगी। गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार (16 जुलाई 2026) को मीडिया और अपुष्ट सूत्रों के हवाले से यह बड़ा दावा किया गया था कि एसआईटी अगले 24 घंटों के भीतर अपनी अंतिम (फाइनल) रिपोर्ट शासन को दे सकती है, जिसके निष्कर्षों के आधार पर राम मंदिर के आंतरिक प्रशासन, सुरक्षा और चढ़ावे की दैनिक गणना प्रणाली (Counting System) में क्रांतिकारी व पारदर्शी बदलाव किए जाने की प्रबल संभावना है। परंतु, तकनीकी जटिलताओं और करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के व्यापक दायरे को देखते हुए अंतिम रिपोर्ट को विधिक रूप से त्रुटिहीन बनाने में टीम को अतिरिक्त समय लग रहा है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की विधिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो पिछले महीने जब मंदिर के चढ़ावे में भारी विसंगतियां और चोरी की बात उजागर हुई, तब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की लिखित सिफारिश और गंभीर चिंता को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को एक 3-सदस्यीय उच्चस्तरीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था। शुरुआत में इस जांच दल को पूरे मामले की तफ्तीश मुकम्मल करने के लिए केवल 15 दिनों की विधिक समय-सीमा प्रदान की गई थी। लेकिन, घोटाले की परतें उम्मीद से ज्यादा गहरी होने के कारण 1 जुलाई 2026 को राज्य सरकार ने एसआईटी के कार्यकाल को 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था, जिसकी अवधि अब पूरी हो रही है। इससे पूर्व, 23 जून 2026 को एसआईटी ने सरकार को अपनी 9 पन्नों की एक बेहद प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर मंदिर थाने में त्वरित एफआईआर दर्ज की गई, मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया और बदनामी से बचने के लिए मंदिर ट्रस्ट के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को अपने पदों से विधिक रूप से इस्तीफा तक देना पड़ा था।

राम मंदिर जैसे वैश्विक आस्था के केंद्र से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपनी सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार भी पूरी निष्पक्षता के साथ एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने देशवासियों और श्रद्धालुओं को पूर्ण विधिक भरोसा दिलाते हुए अत्यंत कड़े लहजे में कहा, “हम भी अन्य लोगों की तरह एसआईटी की जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सभी देशवासी धैर्य रखें और योगी सरकार पर पूरा भरोसा रखें, इस महा-पाप में संलिप्त किसी भी अपराधी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। राम लला के चरणों में अर्पित चंदे की चोरी करने वाले जिस भी दोषी का नाम रिपोर्ट में सामने आएगा, उसे विधिक कानून के साथ-साथ साक्षात हनुमान जी की गदा के भयंकर न्याय का सामना करना पड़ेगा।” डिप्टी सीएम के इस बयान के बीच, इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए मंदिर ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक अगले हफ्ते 22 जुलाई 2026 को अयोध्या धाम में आहूत की गई है।

उल्लेखनीय है कि राम मंदिर में हुए इस कथित चढ़ावा चोरी का मामला अब सीधे देश की सर्वोच्च अदालत की निगरानी में आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को इस पूरे मामले की निष्पक्ष, तटस्थ और समयबद्ध सीबीआई (CBI) या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने के अनुरोध से जुड़ी विभिन्न जनहित याचिकाओं पर एक साथ गंभीर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सीधे विधिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था, और साथ ही राज्य की एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह आगामी सोमवार तक जांच की वर्तमान प्रगति और वस्तुस्थिति की सीलबंद रिपोर्ट अदालत के पटल पर पेश करे। सोमवार को होने वाली इस सर्वोच्च न्यायिक सुनवाई पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

Tags: ayodhya newsRam Mandir donation case
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