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लखनऊ में भारी बवाल! हाथ में डंडा लेकर सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, सामने से बीजेपी का हल्ला बोल

दिल्ली में छात्रों के समर्थन में कांग्रेस (Congress) के प्रदर्शन का असर बुधवार को लखनऊ में भी देखने को मिला। भाजपा और कांग्रेस (BJP-Congress) दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया, जिसके बाद राजधानी का राजनीतिक माहौल गरमा गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से पहले ही हिरासत में ले लिया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की थी।

इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस ने भी पलटवार की रणनीति बनाई और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास तक मार्च निकालने का फैसला किया। भाजपा का मार्च शुरू होने से पहले ही अजय राय बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस कार्यालय से निकल पड़े। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर लगी बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।

इस दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने अजय राय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। कांग्रेस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं।

हिरासत में लिए जाने के बाद अजय राय ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पुलिस सुरक्षा के बीच प्रदर्शन की अनुमति दी जा रही है, जबकि कांग्रेस के लोकतांत्रिक विरोध को रोका जा रहा है।

भाजपा और कांग्रेस के समानांतर प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए कांग्रेस मुख्यालय, मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की सक्रियता के चलते दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने नहीं आ सके।

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