दिल्ली के संसद मार्ग पर छात्रों के आंदोलन के बीच माहौल बेहद गरमा गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने केंद्र सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जे.पी. नड्डा से बात करने पहुंचे उनके प्रतिनिधियों को उनके घर पर ही नजरबंद कर लिया गया। सीजेपी का दावा है कि इसके तुरंत बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया, जिसमें महिला प्रदर्शनकारियों को भी निशाना बनाया गया।
अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने संवाद का भरोसा देकर उनके दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुलाया था। उनका आरोप है कि बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने के बजाय प्रतिनिधियों को वहीं रोक लिया गया, जिससे बाकी प्रदर्शनकारियों से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया।
दीपके के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में शामिल सौरभ दास और आशुतोष रांका को कथित तौर पर जेपी नड्डा के आवास पर ही रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए, जिसके कारण करीब तीन घंटे तक पार्टी का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
सीजेपी संस्थापक ने यह भी आरोप लगाया कि इसी दौरान जंतर-मंतर और आसपास प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ और दिल्ली पुलिस के पुरुष कर्मियों द्वारा उनके साथ हिंसक व्यवहार किया गया।
हालांकि, इन आरोपों पर फिलहाल सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









