• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वृद्धजन परिवार की विरासत और सुरक्षाकवच, सम्मान-सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी: धामी

Writer D by Writer D
01/10/2026
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों के साथ निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में चयनित पांच छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से सितंबर माह की पेंशन राशि का भुगतान भी किया। इसके तहत प्रदेश के 9,93,886 पेंशनरों को कुल 147 करोड़ 34 लाख 53 हजार रुपये की पेंशन जारी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठजनों के कल्याण के लिए उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई। उन्होंने परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।

‘वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच’

मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठजनों को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिवार में वरिष्ठजनों की मौजूदगी सुरक्षा, अनुशासन और आत्मीयता का भाव पैदा करती है। उनके अनुभव और संस्कार नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हैं।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन परिवार और समाज की जीवंत विरासत हैं। जीवन की गहरी समझ उनके अनुभवों से मिलती है। मुख्यमंत्री ने अपने माता-पिता के संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके स्वर्गीय पिता की सीख आज भी उनका मार्गदर्शन करती है, जबकि माता का आशीर्वाद उन्हें शक्ति देता है।

‘हर वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रदेश के मुख्य सेवक होने के साथ-साथ उत्तराखंड के बेटे भी हैं और राज्य के प्रत्येक वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा एवं सुविधा को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1,500 रुपये पेंशन दी जा रही है और पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए वृद्धाश्रम भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल समेत अन्य क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें वरिष्ठजन वृद्धाश्रमों के बजाय अपने परिवार के बीच सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग से अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं पर जोर

धामी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू है। वहीं, दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठजनों के सम्मान में यह दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के सम्मान की परंपरा को बनाए रखने और युवाओं से वरिष्ठजनों की सहायता एवं सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी राम चंद्र गौड़, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, सचिव श्रीधर बाबू अद्वांकी, निदेशक संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया, संयुक्त निदेशक जी.आर. नौटियाल समेत अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

आधिकारिक उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर दिव्यांग छात्रों के लिए सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग संबंधी सूचनाएं भी उपलब्ध हैं।

Tags: cm dhami
Previous Post

‘अखिलेश से पूछिए, इंडी गठबंधन की बैठक में क्यों नहीं आए?’, ओपी राजभर का राहुल गांधी पर सीधा हमला

Next Post

वीरता पदक पाकर बोले पुलिसकर्मी- अत्याधुनिक संसाधनों से मजबूत हुई पुलिसिंग, जनता में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

गांवों को वोट बैंक समझने वालों की राजनीति से गांव पीछे रह गए- सीएम योगी

02/10/2026
Main Slider

जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री

02/10/2026
Main Slider

अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

02/10/2026
उत्तराखंड

राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों के सम्मान व कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री धामी

02/10/2026
Main Slider

गांधी और शास्त्री जयंती पर मुख्यमंत्री धामी ने किया भावपूर्ण स्मरण, अर्पित किए श्रद्धासुमन

02/10/2026
Next Post

वीरता पदक पाकर बोले पुलिसकर्मी- अत्याधुनिक संसाधनों से मजबूत हुई पुलिसिंग, जनता में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

यह भी पढ़ें

JP Nadda

पश्चिम बंगाल फतह करने के इरादे से जेपी नड्डा पहुंचे कोलकाता

09/12/2020
women arrested

शादी का झांसा देकर पचास हजार ठगने वाली तीन महिलाएं गिरफ्तार

27/02/2022
Vicky Kaushal

180 लोगों के परिवार से मिले सारा-विक्की, खाई सब्जी और रोटी

22/05/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version