• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

श्रीमद् भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की कालजयी मार्गदर्शिका है: मुख्यमंत्री

Writer D by Writer D
29/11/2025
in उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय, हरयाणा
0
CM Dhami participated in the International Gita Festival
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने शनिवार को कुरूक्षेत्र, हरियाणा में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो दिव्य उपदेश प्रदान किया, वही श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में मानवता का शाश्वत ज्ञान बनकर पूरे विश्व को दिशा दिखा रहा है। इस भूमि से धर्म, कर्तव्य, सत्य, निष्काम कर्म और आत्मोन्नति का संदेश सम्पूर्ण मानव समाज में प्रवाहित हुआ। इस भव्य महोत्सव के माध्यम से गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उन्होंने हरियाणा सरकार एवं स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि श्रीमद् भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की कालजयी मार्गदर्शिका है। यह एक ऐसा दिव्य प्रकाशपुंज है, जिसमें मनुष्य के आचरण, चिंतन, कर्तव्य, भक्ति, ज्ञान और जीवन व्यवहार का अद्वितीय संकलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही गीता का अनुसरण करते हैं। पहले गीता के सार के कथनों के माध्यम से समझते थे, वे अपने प्रत्येक निर्णय, कर्म और जीवन के हर मोड़ पर गीता के उपदेशों को अपने मार्गदर्शक के रूप में रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए किया गया कार्य ही सबसे बड़ा धर्म है। यह संदेश उन्हें सदैव प्रेरणा देता है कि व्यक्तिगत लाभ, स्वार्थ और अहंकार से ऊपर उठकर निष्काम भाव से समाज, राष्ट्र और संपूर्ण मानवता की सेवा करना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि आधुनिक युग में भौतिकता की दौड़ में जब मानव जीवन जटिल और तनावपूर्ण हो गया है, ऐसे समय में गीता का संदेश और भी अधिक प्रासांगिक हो गया है। गीता के 18 अध्याय हमें किसी न किसी योग की शिक्षा अवश्य देते हैं। गीता में बताए गए सभी सूत्र जीवन को संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और उच्चतम नैतिक आदर्शों के अनुरूप बनाने का शाश्वत मार्गदर्शन देते हैं। गीता की इसी सार्वभौमिकता के कारण आज विश्व के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में गीता पर शोध हो रहे हैं। आज दुनियाभर में श्रीमद्भगवद्गीता को लीडरशिप, मैनेजमेंट और आत्मशांति के ग्रंथ के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। गीता से हमें न केवल जीवन जीने का व्यावहारिक ज्ञान मिलता है, बल्कि जीवन की प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा भी प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन गीता के श्लोकों के पाठ को अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। हमारे गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर गर्व है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया है। उत्तराखंड में एक सख्त दंगारोधी कानून भी बनाया है। 10 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना की है।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अवधेशानन्द जी महाराज, कुमार ऋषि, जैन समाज, स्वामी लोकेश मुनि, बाबा भूपेन्द्र, कपिल पुरी जी महाराज एवं अनेक संतगण मौजूद थे।

Tags: cm dhami
Previous Post

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है: एके शर्मा

Next Post

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी मंजूरी- उत्तराखण्ड में गन्ना मूल्य हुआ और बेहतर

Writer D

Writer D

Related Posts

Rain havoc in Uttarakhand
Main Slider

उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप, ऋषिकेश-देवप्रयाग में अलकनंदा-गंगा का बढ़ा जलस्तर

01/08/2026
AN Pramod
नई दिल्ली

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने संभाली भारतीय नौसेना के उप प्रमुख की कमान

01/08/2026
CM Vishnudev Sai met Nitin Nabin.
Main Slider

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने की नितिन नबीन से मुलाकात

01/08/2026
Female student apologized after remarks about PM Modi.
Main Slider

‘मुझसे गलती हो गई’… पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद छात्रा का माफीनामा आया सामने

01/08/2026
CM Dhami heard public grievances at the camp office.
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने कैंप कार्यालय में सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

31/07/2026
Next Post
CM Dhami

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी मंजूरी- उत्तराखण्ड में गन्ना मूल्य हुआ और बेहतर

यह भी पढ़ें

CM Dhami

योग संपूर्ण विश्व के लिए एक संजीवनी का कार्य करता है योग: धामी

15/06/2025
Lionel Messi

मैंने अभी तक संन्यास के बारे में नहीं सोचा है: लियोनेल मेसी

28/03/2024

यूजीसी गाइडलाइंस के चलते हॉस्टलों में नवप्रवेशियों को नो रूम!

11/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version