• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

गुरु पूर्णिमा पर शिष्य और गुरु, दोनों भूमिका में दिखेंगे सीएम योगी

Writer D by Writer D
27/07/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, गोरखपुर
0
CM Yogi

CM Yogi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोरखपुर। सनातन विचार दर्शन एवं संस्कृति में गुरु-शिष्य के रिश्ते को प्रतिष्ठित करने वाले पावन पर्व गुरु पूर्णिमा गोरक्षपीठ के लिए विशेष होती है। गुरु पूर्णिमा महोत्सव वह अवसर होता है जब गोरक्षपीठाधीश्वर, शिवावतार एवं नाथपंथ के आदिगुरु महायोगी गोरखनाथ सहित पीठ के अपने पूर्ववर्ती गुरुजन की पूजन-स्तुति करते हैं और तदुपरांत अपने शिष्यों और गोरक्षपीठ के श्रद्धालुओं को स्नेहाशीष से अभिसिंचित करते हैं। गोरक्षपीठ की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान पीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई, बुधवार) पर शिष्य और गुरु दोनों भूमिकाओं में दिखेंगे।

गुरु पूर्णिमा पर्व और नाथपंथ का संबंध कितना अटूट और गहरा है, इसका अंदाजा इस पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में होने वाले भव्य आनुष्ठानिक आयोजन को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। सभी नाथ योगियों ने इस परंपरा की गरिमा और प्रतिष्ठा को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ कायम रखा है। महायोगी गुरु गोरखनाथ से लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ तक ने न केवल इस परंपरा को समृद्ध किया है, बल्कि गुरु प्रतिष्ठा के प्रति लोगों को प्रेरित भी किया है। मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद की तमाम व्यस्तताओं के बावजूद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ हर गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु का आशीर्वाद लेने और शिष्यों को आशीर्वाद देने के लिए गोरखनाथ मंदिर जरूर पहुंचते हैं। इसी क्रम में इस बार भी बुधवार को वह गुरु पूर्णिमा पूजा के लिए मंदिर में मौजूद रहेंगे।

नाथपंथ के प्रादुर्भाव से ही गुरु-शिष्य परंपरा उससे अनिवार्य रूप से जुड़ी रही और अनवरत आगे बढ़ रही है। नाथपंथ में गुरु और ईश्वर में कोई फर्क नहीं माना जाता है। नाथ परंपरा में गुरु ही ईश्वर है और ईश्वर ही गुरु है। यही वजह है कि गोरखनाथ मंदिर के लिए गुरु पूर्णिमा महोत्सव का विशेष महत्व है। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार (29 जुलाई) को महायोगी गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन कर नाथपंथ के गुरुजन के प्रति श्रद्धा निवेदित करेंगे। इस पर्व पर शिवावतार गुरु गोरक्षनाथ को रोट अर्पित करने की भी परंपरा है। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों को पूर्ण करने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों और गोरक्षपीठ के अनुयायियों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 23 जुलाई से गोरखनाथ मंदिर में चल रही श्रीरामकथा की पूर्णाहुति भी होगी।

गुरु पूर्णिमा के दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूजन का सिलसिला प्रातःकाल से ही शुरू हो जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर सुबह सबसे पहले गुरु गोरक्षनाथ की पूरे विधि विधान से पूजा करेंगे। इसके बाद नाथपंथ के सभी योगियों की समाधि स्थली और देवी देवताओं के मंदिर में विशेष पूजन का कार्यक्रम होगा। पूजा की पूर्णता सामूहिक आरती से होगी। गुरु पूजन के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों के बीच आएंगे। बारी-बारी से शिष्य, गोरक्षपीठाधीश्वर तक पहुंचेंगे और तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करेंगे। आशीर्वचन के बाद मंदिर में सहभोज का आयोजन किया जाएगा।

गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव : बुधवार के कार्यक्रम

-महायोगी गोरखनाथ जी को रोट अर्पण, पूजन, मंदिर परिसर स्थित सभी देव विग्रहों एवं समाधि स्थलों पर विशेष पूजा, प्रातः 5 बजे से 6 बजे तक।
-सामूहिक आरती, प्रातः 6:30 बजे से 7 बजे तक।
-सप्तदिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति, प्रातः 9 बजे से पूर्वाह्न 11:30 बजे तक।
-भजन एवं आशीर्वचन, पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।
-सहभोज/ भंडारा, दोपहर 12:30 बजे से।

गोरक्षपीठ और गुरु पूर्णिमा का अटूट नाता

वैसे तो गोरक्षपीठ, गोरखनाथ मंदिर में धर्म-अध्यात्म की मंगलध्वनि अहर्निश गुंजायमान रहती है, पर गुरु पूर्णिमा का पर्व यहां अत्यंत विशेष होता है। नाथपंथ मुख्यतः गुरुगम्य मार्ग है। इस लिहाज से गोरक्षपीठ और गुरु पूर्णिमा का अटूट नाता है। गुरु-शिष्य परंपरा इस पीठ के मूल में है। गुरु परंपरा से ही नाथ परंपरा आगे बढ़ी है। यही वजह है कि गोरक्षपीठ, गुरु परंपरा के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित है। हर काल में इस परंपरा को कायम रखकर पीठ ने कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। शिवावतार भगवान गोरखनाथ ने योग को लोक कल्याण का माध्यम बनाया तो उनके अनुगामी नाथपंथ के मनीषियों ने लोक कल्याणकारी अभियान को गति दी।

गुरु से प्राप्त लोक कल्याण की परंपरा को विस्तारित किया गोरक्षपीठाधीश्वरों ने सनातन संस्कृति गुरु को गोविंद (भगवान) से भी ऊंचे स्थान पर प्रतिष्ठित करती है। गुरु का ध्येय समग्र रूप में लोक कल्याण होता है और इसकी दीक्षा भी वह अपने शिष्य को देते हैं। नाथपंथ में पीढ़ी दर पीढ़ी गोरक्षपीठाधीश्वरों ने अपने गुरु से प्राप्त लोक कल्याण की परंपरा को विस्तारित किया है। वर्तमान पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ इसे निरंतर ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं।

गुरु परंपरा के लोक कल्याणकारी कार्यों के अनुगमन में गोरक्षपीठ की गत-सद्यः तीन पीढ़ियां कीर्तिमान रचती नजर आती हैं। गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने लोक कल्याण के लिए शिक्षा को सबसे सशक्त माध्यम बनाते हुए 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। ब्रह्मलीन महंत जी ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो महाविद्यालय भी दान में दे दिए थे। उनके समय में मंदिर परिसर में एक आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र की भी स्थापना हुई थी। इन प्रकल्पों को अपने समय में उनके शिष्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज ने विस्तार दिया। शिक्षा, चिकित्सा, योग सहित सेवा के सभी प्रकल्पों को नया आयाम दिया। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज के शिष्य एवं वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक कल्याण के लिए अपने दादागुरु द्वारा रोपे और अपने गुरु द्वारा सींचे गए पौधे को वटवृक्ष सरीखा बना दिया है। किराए के एक कमरे में शुरू शिक्षा का प्रकल्प दर्जनों संस्थानों के साथ ही विश्वविद्यालय तक विस्तारित हो चुका है। इलाज के लिए गोरक्षपीठ की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय की ख्याति पूरे पूर्वांचल में है। गोरक्षपीठ से योग के प्रसार को लगातार गति मिली है। पीठ की गुरु परंपरा में लोक कल्याण के मिले मंत्र की सिद्धि योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री की भूमिका में भी नजर आती है।

Tags: cm yogi
Previous Post

दुबई से मुंबई आ रही इंडिगो फ्लाइट में धुआं, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

Next Post

प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह

Writer D

Writer D

Related Posts

Paneer Kheer
Main Slider

व्रत में बनाएं प्रोटीन से भरपूर पनीर की खीर, खाने में भी टेस्टी

06/08/2026
Belpatra
Main Slider

सावन में करें बेल पत्र के ये अचूक उपाय, जीवन में होगा सुख-समृद्धि का आगमन

06/08/2026
Shiv
Main Slider

सावन में शिव के इन नामों और मंत्रों का करें जाप, मिलेगा मन मांगा वरदान!

06/08/2026
Uttar Pradesh tops with milk production of 38.8 million metric tons
उत्तर प्रदेश

देश में अव्वलः 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दुग्ध उत्पादन के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर

05/08/2026
Matru Vandana Yojana
उत्तर प्रदेश

मातृ वंदना योजना में उत्तर प्रदेश ने बनाया नया कीर्तिमान, लक्ष्य से अधिक हुआ पंजीकरण

05/08/2026
Next Post
CM Dhami

प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह

यह भी पढ़ें

Parineeti Chopra

लंदन रवाना हुईं परिणीति चोपड़ा, शादी की बात पर शर्माते हुए बोलीं

06/04/2023
Anand Bardhan

मानसून से पहले सभी सड़कें हों गड्ढामुक्त, जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो : मुख्य सचिव

07/05/2026
Siddharthnagar Festival

विरासत से विकास तक: सिद्धार्थनगर की बदली पहचान का उत्सव

28/01/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version