लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश विधान भवन के समक्ष आयोजित भव्य समारोह के दौरान ध्वजारोहण किया। इस पर देश के कई राज्यों के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। स्वाधीनता समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्रता संग्राम की कल्पना बगैर उप्र के नहीं की जा सकती, उसी प्रकार विकसित भारत की कल्पना उप्र के बिना अधूरी है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नई यूथ पॉलिसी की घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्य अहिंसा के साधक महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. आंबेडकर, भारत के प्रथम राष्ट्रपति व संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, भारत के महान स्वतंत्रा सेनानियों, क्रांतिकारियों की स्मृतियों को नमन करने का अवसर हम सबके लिए आज का यह दिन है। उन्होंने अपने जीवन का सर्वस्व न्योछावर किया। एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने की दिशा में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
योगी ने कहा कि आजादी की लड़ाई उप्र के बगैर अधूरी समझी जाएगी। मंगल पांडेय से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बीरांगना अवंती बाई लोधी हों या झलकारी बाई, वीरांगना उदा देवी पासी हों या फिर आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली लंबी श्रृंखला है। चन्द्रशेखर आजाद, ठाकुर रोशन सिंह, तात्या टोपे, धन सिंह समेत अन्य ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। इन क्रांतिकारियों ने उप्र की धरती पर प्रथम स्वातंत्र्य समर को प्रदेश देश की धरती पर पहुंचाने का कार्य किया, उसका परिणाम स्वाधीनता है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सपूतों को मैं इस अवसर पर श्रद्धांजलि देता हूं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी तो मिली, लेकिन आजादी के साथ ही अशिक्षा, असमानता, असुरक्षा, गरीबी, पिछड़ापन, जातिवादी एवं तुष्टीकरण की समस्या इस देश को देकर गयी। इसलिए पिछले नौ वर्षों में इन सभी असमानताओं को दूर करने के लिए सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए। उप्र रुक नहीं सकता। आज अपनी इस यात्रा को नई ऊंचाईयां प्राप्त करना प्रारंभ किया है। कृषि से उद्योग तक, डिफेंस लेकर युवा शक्ति ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उप्र आज केवल बदल नहीं रहा है बल्कि देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ उप्र आज उपद्रव प्रदेश से बदलकर उत्सव प्रदेश बना है। अब बीमारू राज्य के रूप में यूपी की कोई गिनती नहीं करता है। अब भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में गिनती होती है। उप्र ने अपनी अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाया है। वीमेन वर्क फोर्स तीन गुना बढ़ा है। अब उप्र एक जनपद एक माफिया के रूप नहीं बल्कि अब एक जनपद एक उत्पाद, एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज के रूप में पहचान बनाया है। सुशासन का परिणाम है कि 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। परिणामस्वरूप 65 लाख लोगों को रोजगार मिला है। नौ साल में नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। 96 लाख एमएसएमई यूनिट, 22 हजार उद्योग प्रदेश के विकास में भूमिका निभा रहे हैं। निवेश, नवाचार के नये नये द्वार आज प्रदेश में खुल रहे हैं। ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में सुविधाओं का संतृप्तिकरण हुआ है। स्कूल ड्रापआउट रेट 19 फीसदी से घटकर मात्र तीन फीसदी रह गया है। शिक्षकों शैक्षणिक कर्मचारियों के परिवारजनों के लिए कैसलेश चिकित्सा सुविधा प्रदान की गयी है।
उप्र सरकार जल्द नई यूथ पॉलिसी लाएगी
मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा से ही प्रदेश आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने नकल माफियाओं पर नकेल कसी है। युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। हर गांव में ओपन जिम खोला जा रहा है। हर जिले में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उप्र सरकार एक नई यूथ पॉलिसी शीघ्र लेकर आ रही है। इस पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश के युवा को और अधिक मजबूती प्रदान करने में हमें सफलता मिलेगी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री योगी ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी और उप्र की अपनी सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तब ही पूरा होगा जब विकसित उप्र होगा। इसके लिए 25 करोड़ जनता सामूहिक रूप से प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर शहीद के परिजनों को सम्मानित भी किया। तिरंगा रंग में रंगे गुब्बारों को आसमान में उड़ाने के साथ समारोह का समापन हुआ।
इससे पहले उत्तर प्रदेश विधान भवन के समक्ष आयोजित मुख्य स्वाधीनता समारोह में उप्र, उत्तराखण्ड, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों का नजारा देखने को मिला। विभिन्न राज्यों के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने वातावरण में रोमांच भर दिया।
इस मौके पर विधान परिषद के सभापति कुंअर मानवेन्द्र सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, एमएलसी डॉ. महेन्द्र सिंह, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल समेत अन्य नेता गण और प्रदेश के आला अधिकारी मौजूद रहे।








