दमिश्क: सीरिया की राजधानी दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद (Bashar al-Assad) को मौत की सजा सुनाई। उनके भाई माहेर अल-असद और ममेरे भाई आतिफ नजीब को भी इसी मामले में मृत्युदंड दिया गया है। बशर और माहेर के खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में सुनाया गया, जबकि आतिफ नजीब अदालत में मौजूद थे।
अदालत ने यह फैसला सीरिया में 14 साल चले संघर्ष के दौरान कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले में सुनाया है। इस संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और देश को लंबे समय तक हिंसा का सामना करना पड़ा।
दारा की कार्रवाई से जुड़ा आतिफ नजीब का नाम
मामले में आतिफ नजीब पर दक्षिणी प्रांत दारा में सुरक्षा कार्रवाई का नेतृत्व करने का आरोप था। दारा में 2011 में शुरू हुआ दमन बाद में व्यापक विद्रोह और गृह युद्ध में बदल गया। नजीब को पूर्व असद शासन के प्रमुख अधिकारियों में शामिल माना जाता है और वह बशर अल-असद के रिश्तेदार भी हैं।
सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। रिपोर्टों के अनुसार नजीब कैदी की वर्दी में अदालत में मौजूद थे और फैसला सुनाए जाने के समय उन्हें एक घेरे के भीतर रखा गया था।
असद के खिलाफ फैसला गैरहाजिरी में
बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद के खिलाफ फैसला गैरहाजिरी में सुनाया गया। असद शासन के पतन के बाद बशर देश से बाहर चले गए थे, जबकि उनके शासन से जुड़े कई अधिकारियों के खिलाफ सीरिया में कानूनी कार्रवाई चल रही है।
सीरिया में असद शासन के दौर के अधिकारियों के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई देश में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और अधिकारियों पर भी अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।








