• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पंतजलि योगपीठ ऋषियों की उस परम्परा को आगे बढ़ा रहा: राज्यपाल

Writer D by Writer D
04/08/2022
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
0
governor

governor

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून/हरिद्वार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) (Governor Gurmeet) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने गुरुवार को पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में आयोजित जड़ी-बूटी दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने संयुक्त रूप से आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंर्तगत जड़ी-बूटी एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धती पर आधारित 75 पुस्तकों का विमोचन एवं 51 नई औषधियों का लोकार्पण किया।

राज्यपाल (Governor) ने आचार्य बालकृष्ण को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

जड़ी-बूटी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल (Governor) ने आचार्य बालकृष्ण को उनके 50वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और कहा कि आचार्य  द्वारा अपने जन्मदिवस को जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाना प्रकृति के संरक्षण के साथ हमारी समृद्धि के  लिए अनोखी पहल है। उन्होंने कहा कि पंतजलि योगपीठ ऋषियों की उस परम्परा को आगे बढ़ा रहा है जिसने भारत को ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति, अनुसंधान और आध्यात्म के बल पर विश्वगुरू के गौरव तक पहुंचाया है।

राज्यपाल (Governor) ने कहा कि योग, आयुर्वेद, यौगिक एवं बौद्धिक ज्ञान, जड़ी-बूटी, चिकित्सा हमारी विश्वगुरू की भावना की अनुभूति को बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान अपनी सभ्यता, संस्कृति और आयुर्वेद के कारण है। राज्यपाल ने कहा कि हम फिर से विश्वगुरू की पहचान प्राप्त करने की दिशा में बढ़ रहे हैं इसमें पतंजलि भी नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

governor

उन्होंने (Governor) कहा कि पतंजलि के विजन में आत्मनिर्भर भारत, बौद्धिक संपदा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विचार और भावनाएं निहित हैं जो वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर जड़ी-बूटी एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धती पर आधारित 75 पुस्तकों का विमोचन अपने आप में अदभुत है। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी दिवस लोगों के वन में सुख, शांति और समृद्धि की मूल अवधारणा को पुष्ट करने वाली है। भारत ने योग और आयुर्वेद की महान पंरम्परा को आधुनिक रूप दिया है।

आचार्य बालकृष्ण ऋषि परंपरा के अनुगामी : पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने उत्तराखण्ड राज्य में नेचुरोपैथी डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन जल्द शुरू किए जाने की घोषणा की। उन्होंने आचार्य बालकृष्ण को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा की महान ऋषि परंपरा के अनुगामी, जड़ी-बूटियों के परमज्ञाता और इनका प्रचार-प्रसार कर आयुर्वेद की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। आयुर्वेद महज एक चिकित्सा पद्धति नहीं है, इसे एक समग्र मानव दर्शन के रूप में वर्णित किया जा सकता है। आयुर्वेद ऐसी विरासत है जिससे सम्पूर्ण विश्व का कल्याण सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान दुनिया ने आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाया और लाभ पाया। आयुर्वेद वन का एक समग्र विज्ञान है, आज दुनिया भर में इसकी स्वीकार्यता है। आयुर्वेद केवल किसी रोगी के उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि भारतीय दर्शन में इसे वन के मूल ज्ञान के रूप में स्वीकारा जाता है इसलिए इसे पंचम वेद की संज्ञा दी गई है। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई कार्यपद्धति का उदय हुआ है।  विश्वभर में 21 जून को योग दिवस मनाया जा रहा है। संपूर्ण देश में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा फहराने का जन आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने 2025 तक उत्तराखंड राज्य को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का सभी से आग्रह किया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भी बीते दिनों संपन्न हुए एक वैश्विक कार्यक्रम में, आयुर्वेद के माहात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा था कि प्लांट से लेकर आपकी प्लेट तक, शारीरिक मजबूती से लेकर मानसिक कल्याण तक आयुर्वेद अत्यधिक प्रभावी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग और आयुर्वेद को  एक नई पहचान दी है। इस दौरान आचार्य   बालकृष्ण ने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी को हर घर तिरंगा अभियान हेतु विभिन्न स्थानों में फहराने हेतु 50 हज़ार राष्ट्रीय ध्वज (प्रतीकात्मक रूप से) भेंट किए।

सीएम योगी ने की हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा

कार्यक्रम में  कैबिनेट मंत्री  प्रेमचंद्र अग्रवाल,  सुबोध उनियाल, डॉ0 धन सिंह रावत, विधायक  प्रदीप बत्रा,  स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, स्वामी दामोदर दास, स्वामी कमल दास, महामंडलेश्वर अर्जुन पूरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

Tags: Baba RamdevBalkrishnadehradun newsGovernor gurmeet singhharidwar newsNational newsPatanjaliUttarakhand News
Previous Post

राजीव बने उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष

Next Post

आजम खान से मिलने अखिलेश यादव पहुंचे मेदांता, तबीयत को लेकर कही ये बात

Writer D

Writer D

Related Posts

cm dhami
राजनीति

नीति घाटी को धामी की बड़ी सौगात, बॉर्डर टूरिज्म और होम स्टे विकास को मिलेगा बढ़ावा

01/06/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है : मुख्यमंत्री साय

01/06/2026
CM Dhami distributed appointment letters to 276 youth
राजनीति

33 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: सीएम

01/06/2026
Niti Extreme Ultra Run
राजनीति

11 हजार फीट पर दौड़ा ‘फिट इंडिया’, नीति अल्ट्रा रन से सीमांत विकास को नई रफ्तार

01/06/2026
Twisha Sharma Case
Main Slider

Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ के साथ स्पॉट पर पहुंची CBI, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट

01/06/2026
Next Post
akhilesh yadav

आजम खान से मिलने अखिलेश यादव पहुंचे मेदांता, तबीयत को लेकर कही ये बात

यह भी पढ़ें

Murder

दो वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में तीन को उम्रकैद

06/12/2023
Suicide

 पारिवारिक कलह में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

09/06/2022
दवा गोदाम में विस्फोट

पश्चिम बंगाल : दक्षिण 24 परगना जिले में बम विस्फोट, छह भाजपा कार्यकर्ता घायल

06/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version