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इस दिशा में खिड़की बनाने से बढ़ जाते हैं रोग, जानिए वास्तु टिप्स

Writer D by Writer D
15/09/2021
in Main Slider, फैशन/शैली
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khidki

khidki

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लाइफ़स्टाइल डेस्क। वास्तु शास्त्र में हर स्थान के निर्माण को लेकर नियम बताए गए हैं, क्योंकि उक्त दिशा की ऊर्जा का प्रभाव आपके और परिवार के सदस्यों पर पड़ता है। वास्तु में घर की खिड़की किस दिशा में और कैसी होना चाहिए इस बारे में भी बताया गया है।  वास्तुशास्त्र के अनुसार सही दिशा में बनी हुआ खिड़की आपका भाग्य खोल सकती है।

जाता है तो वहीं गलत दिशा में खिड़की खुली होने से आपका भाग्य दुर्भाग्य में बदल सकता है। इसलिए खिड़की बनाते समय दिशाओं के साथ उससे संबंधित अन्य वास्तु नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। तो चलिए जानते हैं खिड़की से जुड़े वास्तु टिप्स…

खिड़की खुलवाने के लिए पश्चिमी, पूर्वी और उत्तरी दिशा की दीवार सही रहती है। इन दिशाओं में खिड़कियों का निर्माण करवाना शुभ माना गया है।

उत्तर दिशा को धन की दिशा माना गया है इस दिशा को खुला रखना सही रहता है, इसलिए उत्तर दिशा में भी खिड़की का निर्माण करवाना शुभ माना गया है माना जाता है कि इस दिशा में खिड़की खुली  होने से घर में धन और समृद्धि के द्वारा खुल जाते हैं।

वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा यम की दिशा होती है, इसलिए दक्षिण दिशा में खिड़की को शुभ नहीं माना जाता है। इस दिशा में खिड़की खुलवाने से रोग और शोक की संभावना बढ़ जाती है। यदि आपके घर की दक्षिण दिशा में खिड़की बनी हुई है तो उस बिना काम के न खोलें या फिर उसपर कोई मोटा पर्दा लगाकर रखें।

नैऋत्य कोण में भी खिड़की नहीं बनवानी चाहिए। घर के दक्षिण और पश्चिम दिशा के भाग को नैऋत्य कोण कहते हैं, क्योंकि इस दिशा के स्वामी राहु-केतु हैं।

वास्तु के अनुसार घर में खिड़कियों की संख्या हमेशा सम यानि 2, 4, 6 इस तरह से होनी चाहिए। विषम संख्या में खिड़कियों का निर्माण सही नहीं रहता है।

घर की खिड़कियों को बेल-वूटो से सजाकर रखना चाहिए। खिड़कियों पर रंगोली और मांडने वाली चित्रकारी करना शुभ माना जाता है। खिड़कीयों को अच्छी तरह सलीके से पर्दे डालकर रखना चाहिए।

खिड़की को हमेशा दो पल्लो की बनवानी चाहिए। दरवाजे हमेशा अंदर की ओर खुलने चाहिए। घर के खिड़की दरवाजे खुलते समय आवाज नहीं होनी चाहिए।

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