• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

केन्द्रीय राज्यमंत्री का विवादित बयान, कहा- काले झंडे ही दिखाने थे तो कहीं और मर लेते

Writer D by Writer D
02/12/2020
in Main Slider, राजनीति, राष्ट्रीय, हरयाणा
0
Ratanlal Kataria

Ratanlal Kataria

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हरियाणा के अंबाला में रेलवे अंडरब्रिज का शिलान्यास करने पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने किसानों  को लेकर विवादित बयान दिया है।

किसानों के विरोध से गुस्साये कटारिया ने कहा कि अगर किसानों को विरोध ही करना था, काले झंडे ही दिखाने थे तो वे कहीं और मर लेते। दरअसल कटारिया के अंबाला पहुंचने पर किसान संगठन के लोगों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। इस दौरान मोदी सरकार और कटारिया के खिलाफ किसानों ने जमकर नारेबाजी की।

कटारिया ने कहा कि उनके अंबाला में 7-8 कार्यक्रम हैं। ऐसे में अगर किसानों को उनका विरोध ही करना था तो कहीं और मर लेते। मैं भगवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि इन काले झंडे दिखाने वालों को सद्बुद्धि दें। वहीं विरोध करने आये किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस करवाकर ही वे दम लेंगे।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट में घुसा गुलदार, रेसक्यू में जुटा फॉरेस्ट विभाग

कटारिया पांच साल में नजर नहीं आये और आज जब नजर आए तो किसान ने काले झंडे से उनका स्वागत किया। किसानों ने प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज किये गए मुकदमों का भी विरोध जताया।

उधर, किसानों के आंदोलन को लेकर हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने भी बड़ा बयान दिया है। जेपी दलाल ने कहा कि कुछ विदेशी ताकतों को पीएम मोदी का चेहरा पसंद नहीं है। इसलिए ये विदेशी ताकतें किसानों को आगे कर बाधा डाल रही हैं।

उन्होंने कहा कि नीति निर्धारण सड़क पर नहीं, संसद में जनप्रतिनिधि करते हैं। विरोध की बजाय कृषि कानूनों के परिणाम के लिए किसान 2-3 महीने इंतजार करें। बिना परिणाम के विरोध करना जायज नहीं है।

Tags: farmer protestHariyana newsNational newspolitical newsRatanlal Kataria
Previous Post

इस कार्य को करते वक्त मनुष्य को रहना चाहिए सतर्क

Next Post

जानें कब लग रहा है साल 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण

Writer D

Writer D

Related Posts

Satish Mahana
Main Slider

‘क्या मैं अध्यक्ष की कुर्सी के योग्य हूं?’ हंगामे पर छलका सतीश महाना का दर्द

05/08/2026
Shivpal Yadav
Main Slider

BJP-RSS आतंकियों को देती है ट्रेनिंग, शिवपाल यादव ने लगाए गंभीर आरोप

05/08/2026
Satish Mahana
Main Slider

कल जो सदन में हुआ, उससे मैं दुखी और निराश हूं: सतीश महाना

05/08/2026
Devendra Mahto broke his water fast.
Main Slider

रांची आंदोलन में बड़ा मोड़! वांगचुक की बात मान गए देवेंद्र, तोड़ा Water Fast

05/08/2026
RBI Governor Sanjay Malhotra
Business

लोन की EMI नहीं बढ़ेगी, RBI ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर रखा बरकरार

05/08/2026
Next Post

जानें कब लग रहा है साल 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण

यह भी पढ़ें

Indigo

इंडिगो संकट पर सुप्रीम कोर्ट का एक्शन, CJI ने तत्काल सुनवाई के लिए किया ये काम

06/12/2025
cm yogi

स्वास्थ्यकर्मियों के होठों पर मुस्कान लाने की कोशिश, मानदेय बढ़ाएगी योगी सरकार

03/05/2021
cm yogi

विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री

26/03/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version