• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोविड-19 पर डरावने वाली रिसर्च, कान में भी पहुंच सकता है वायरस

Desk by Desk
24/07/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, नई दिल्ली, राष्ट्रीय, स्वास्थ्य
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच एक नई और हैरान करने वाली रिसर्च सामने आई है। इस रिसर्च में बताया गया है कि कोरोना वायरस कान को भी इन्फेक्ट कर सकता है और पीछे में उपस्थित हड्डी को भी। इससे पहले यह तो जग जाहिर था कि कोरोना वायरस नाक, गले और फेफड़े को इन्फेक्ट करता है।

मेडिकल जर्नल JAMA Otolaryngology में छपी इस स्टडी में तीन ऐसे मरीजों का जिक्र किया गया है, जिनकी कोरोना वयारस संक्रमण से मौत हो गई थी। इन तीन में से एक 60 साल के और दूसरा 80 साल के थे। इन दोनों मरीजों के कान के पीछे हड्डी में कोरोना इन्फेक्शन पाया गया है। जॉन हॉपकिंस स्कूल ऑफ मेडिसिन की ने कहा है कि इस रिसर्च के बाद कोरोना वायरस के लक्षण वाले लोगों में कान भी चेक किए जाएं।

भारत में कोरोना के मामले 13 लाख के पार, अब तक 30 हजार से अधिक की मौत

80 साल की जो मरीज थी उसके केवल दाहिने कान के बीच में वायरस पाया गया था जबकि 60 साल वाले में शख्स के बाएं और दाए मास्टॉयड में और उसके बाएं और दाएं मध्य कान में वायरस था।

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं जब कान में कोरोना वायरस के संक्रमण की बात सामने आई है। हालांकि कुछ रोगियों में यह यह पाया गया कि संक्रमण के बाद उनके सूनन के क्षमता खराब हो गई थी। नए अध्ययन की टीम ने सिफारिश की है कि लोगों को मध्य कान की प्रक्रियाओं से गुजरने से पहले कान में कोरोना वायरस की जांच की जाए।

कोरोना वायरस की वैक्सीन जल्द तैयार करने के लिए दिग्गज कंपनियां, प्रतिष्ठित विद्यालय और सैन्य संस्थान जोरशोर से जुटे हैं। इनमें से आठ वैक्सीन हैं, जो वायरस पर अलग-अलग तरह से वार करती हैं। ये संस्थान कमजोर या निष्क्रिय वायरस, डीएनए या आरएनए विधि के जरिए टीका बना रही हैं, लेकिन उनका उद्देश्य एक है-शरीर में कोरोना का हमला होने पर उसे नष्ट करने की क्षमता पैदा करना।

Tags: c orona infects earscoronavirus ear infection studycoronavirus infectionCOVID-19hindi newsnews in hindiकान कोविड-19 इन्फेक्शनकोरोना इन्फेक्शनकोरोना वायरस कानकोरोना वायरस नई रिसर्च
Previous Post

भारत में कोरोना के मामले 13 लाख के पार, अब तक 30 हजार से अधिक की मौत

Next Post

जल्द कोरोना वायरस की मिलेगी सबसे सस्ती दवा, कीमत होगी 59 रुपये

Desk

Desk

Related Posts

CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

चमोली टनल हादसे पर CM साय का बड़ा ऐलान, मृत मजदूरों के परिवारों को मिलेंगे 5-5 लाख

21/08/2026
UP-Japan cooperation in women and child welfare
Main Slider

महिला-बाल कल्याण में यूपी-जापान सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

21/08/2026
Agreement on green hydrogen cooperation between UP and Yamanashi
Main Slider

उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौता

21/08/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

वर्ल्ड लीडर्स फोरम में CM साय का बड़ा विजन, निवेश से AI तक छत्तीसगढ़ का रोडमैप पेश

21/08/2026
CM Vishnudev Sai met Union Health Minister JP Nadda
छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से की सौजन्य भेंट

21/08/2026
Next Post

जल्द कोरोना वायरस की मिलेगी सबसे सस्ती दवा, कीमत होगी 59 रुपये

यह भी पढ़ें

voting

UP Election: नौ जिलों की 59 सीटों पर अब तक 37.45 प्रतिशत हुआ मतदान

23/02/2022
Inflation

8 साल के हाई पर है खुदरा महंगाई, थोक मुद्रास्फीति ने भी बनाया रिकॉर्ड

17/05/2022
Shani Jayanti

इस दिन से शनि 138 दिन चलेंगे उलटी चाल, जानें अपनी राशि पर प्रभाव

10/11/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version