• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पहले नवरात्र पर इस मुहूर्त में करें कलश स्थापना, जानें विधि और नियम

Writer D by Writer D
06/10/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
Kalash Sthapana

Navratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा को समर्पित यह पावन पर्व शुरू हो जाता है। नवरात्रि में घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। इस साल 7 अक्टूबर, गुरुवार को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इस साल शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना का शुभ समय सुबह 06 बजकर 17 मिनट से सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक है।

कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इस साल दो तिथियां तृतीया और चतुर्थी एक साथ पड़ने के कारण नवरात्रि 8 दिनों के ही पड़ेंगे।

नवरात्रि कब होंगे समाप्त-

शारदीय नवरात्रि 07 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 14 अक्टूबर तक रहेंगे। 15 अक्टूबर को असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा मनाया जाएगा।

ऐसे करें कलश स्थापना:

कलश की स्थापना मंदिर के उत्तर-पूर्व दिशा में करनी चाहिए और मां की चौकी लगा कर कलश को स्थापित करना चाहिए। सबसे पहले उस जगह को गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल रंग से स्वास्तिक बनाकर कलश को स्थापित करें। कलश में आम का पत्ता रखें और इसे जल या गंगाजल भर दें।

साथ में एक सुपारी, कुछ सिक्के, दूर्वा, हल्दी की एक गांठ कलश में डालें। कलश के मुख पर एक नारियल लाल वस्त्र से लपेट कर रखें। चावल यानी अक्षत से अष्टदल बनाकर मां दुर्गा की प्रतिमा रखें। इन्हें लाल या गुलाबी चुनरी ओढ़ा दें। कलश स्थापना के साथ अखंड दीपक की स्थापना भी की जाती है। कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की पूजा करें।

श्री दुर्गासप्तशती के पाठ से होता है लाभ, ज्योतिषाचार्य से जानें किस प्रकार करना चाहिए पाठ

हाथ में लाल फूल और चावल लेकर मां शैलपुत्री का ध्यान करके मंत्र जाप करें और फूल और चावल मां के चरणों में अर्पित करें। मां शैलपुत्री के लिए जो भोग बनाएं, गाय के घी से बने होने चाहिए। या सिर्फ गाय के घी चढ़ाने से भी बीमारी व संकट से छुटकारा मिलता है।

विशेष मंत्र : ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।’ मंगल कामना के साथ इस मंत्र का जप करें।

Tags: navratrinavratri 2021Navratri muhurtNavratri News
Previous Post

गैस सिलिंडर में रिसाव से लगी आग, 2 बच्चों समेत 3 की मौत

Next Post

बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन अनियंत्रित होकर कैनाल में गिरी, चालक फरार

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

व्यक्ति, समाज व राष्ट्र की आधारशिला है शिक्षाः मुख्यमंत्री

01/07/2026
Ram Mandir
Main Slider

राम मंदिर केस: SIT को 15 दिन का एक्सटेंशन, अब इस दिन रिपोर्ट होगी पेश

01/07/2026
Amarnath Yatra
जम्मू कश्मीर

बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजा जम्मू! 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

01/07/2026
CM Yogi congratulated Akhilesh on his birthday
Main Slider

CM योगी ने अखिलेश को जन्मदिन पर दी बधाई, आरोग्य और दीर्घायु की कामना की

01/07/2026
Dahi Paratha
Main Slider

ब्रेकफास्ट को बनाना है टेस्टी और हेल्दी, ट्राई करें ये लजीज डिश

01/07/2026
Next Post

बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन अनियंत्रित होकर कैनाल में गिरी, चालक फरार

यह भी पढ़ें

पैतृक संपत्ति पर बेटी का हर स्थिति में समान अधिकार : सुप्रीम कोर्ट

11/08/2020
Poisonous gas

कबाड़ के गोदाम से सिलेंडर में रिसाव, जहरीली गैस की चपेट में आए SDM सहित 32 लोग

30/08/2022
Raja Shivaji

बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा शिवाजी’ का जलवा, कुल घरेलू कलेक्शन 44.40 करोड़ रुपये

06/05/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version