• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वित्त मंत्री प्रेमचंद की मनमानी, अफसरों को दिया ये ‘फरमान’

PJ by PJ
08/05/2022
in राजनीति, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून। सत्ता का गुरुर कुछ भी करा सकता है। विस विवेकाधीन कोष के मनमाने बंटवारे को लेकर हाईकोर्ट में मुकदमा झेल रहे वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल (Premchand Agarwal) बहुत आगे बढ़ गए हैं। वित्त विभाग की एक बैठक में उन्होंने अपनी बेटी और बहुत जूनियर अफसर को एचओडी को बगल में ही बैठा दिया। और यह भी कहा कि कमिश्नर आपको पता नहीं वो कौन है। जल्द ही उसके लिए एसी कार और दफ्तर की व्यवस्था करो।

पांच साल तक स्पीकर रहे प्रेम चंद (Premchand Agarwal) ने पता नहीं क्या-क्या न किया। उनके खिलाफ हाईकोर्ट में दो मुकदमें हैं जिनमें कहा गया है कि उन्होंने विवेकाधीन कोष का दुरुपयोग किया। इससे पहले भी विस में कथित नियुक्तियों को लेकर भी वो चर्चा में रहे हैं। एक बहुत जूनियर अफसर को पहले तो विस का कार्यवाहक सचिव बनाया और चलते-चलते उसे कंफर्म भी कर दिया। ऐसा क्यों किया गया होगा, इसे आसानी से समझा जा सकता है।

ताजा मामला बहुत ही रोचक है। बतौर वित्त मंत्री उन्होंने एक विभागीय बैठक की। इस बैठक में उनकी बेटी निकिता नारंग भी प्रोटोकाल के लिहाज से सबसे पीछे बैठी थी। निकिता राज्य कर अधिकारी हैं। इसे देख मंत्री जी तो भड़क गए। बोले, कमिश्नर आपको नहीं पता कि वो अफसर कौन है। मेरी बेटी है वो। तत्काल ही कमिश्नर के पास की एक कुर्सी लगवाई गई और एक सबसे जूनियर अफसर अपने बॉस के पास बैठी।

ओडीओपी उत्पादों की बिक्री को दोगुना करेगी योगी सरकार

मंत्री जी (Premchand Agarwal) को इससे भी चैन न आया। तत्काल कहा गया कि कमिश्नर बेटी के लिए एक एसी कार और एसी दफ्तर का इंतजाम किया जाए। सूत्रों का कहना है कि अब पूरा विभाग मंत्री की बेटी (सबसे जूनियर अफसर) की खिदमत में जुटा है। यहां सवाल यह भी है कि इकबाल अहमद जैसा बेहद ईमानदार और बेलाग अफसर क्या मंत्री की इस मनमानी को मानेगा।

अब सवाल यह भी है कि मोदी जी के नाम पर चुनाव जीतने वाले लोग क्या भाजपा सरकार को इसी तरह से बदनाम करेंगे और अफसर भी इस तरह के गैर जिम्मेदाराना आदेश मानते रहेंगे। इस मामले में वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल (Premchand Agarwal) से बात करने की कोशिश की गई। पर उनका उनका फोन पिक नहीं हुआ।

सत्ता का गुरूर! वित्त मंत्री ने एचओडी के पास लगवा दी सबसे जूनियर अफसर की कुर्सी

Tags: https://24ghanteonline.com/finance-minister-premchand-agarwal-arbitrary/
Previous Post

तालाब में नहाने गए बालक को मगरमच्छ ने बनाया निवाला

Next Post

एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाला शातिर गैंग को पुलिस ने दबोचा

PJ

PJ

Related Posts

Main Slider

PM मोदी के सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर CM धामी ने की गंगा आरती

12/10/2026
राष्ट्रीय

माता मनसा देवी मंदिर में अब 24 घंटे टूरिस्ट पुलिस तैनात, CM सैनी ने किया उद्घाटन

12/10/2026
राष्ट्रीय

उपचुनावों के नतीजों पर अनिल विज का तंज, बोले- जनता ने विपक्ष को नकारा

12/10/2026
Heavy Rain
नई दिल्ली

दिल्ली-NCR में बारिश से मौसम सुहाना, जानें अगले 5 दिनों का IMD अपडेट

12/10/2026
पंजाब

‘साढ़े चार साल के काम से जीता जनता का भरोसा’, बोले भगवंत मान

12/10/2026
Next Post
Arrested

एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाला शातिर गैंग को पुलिस ने दबोचा

यह भी पढ़ें

young writers of up

अतुल बाजपेयी समेत यूपी  के 6 युवा साहित्यकारों को मिलेगा प्रताप नारायण मिश्र अवॉर्ड

07/12/2020
Electrocution

हैंडपंप पर नहाने गई मां-बेटी की करंट लगने से मौत, मचा कोहराम

16/05/2024
Akhilesh Yadav

सरकार चाहती है रमाकांत यादव जेल से बाहर न निकले: अखिलेश यादव

22/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version