उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शिवालिक क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी (Maa Shakambhari Devi) मंदिर परिसर में शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। पहाड़ी क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण ‘शाकंभरी खोल नदी’ में अचानक (फ्लैश फ्लड) तेज बाढ़ आ गई। देखते ही देखते पानी का बहाव और स्तर इतना अधिक बढ़ गया कि मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की तरफ भागते नजर आए।
तेज बहाव में बहे दर्जनों वाहन और दुकानें:
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, पानी की रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि मंदिर (Maa Shakambhari Devi) के बाहर नदी क्षेत्र में खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारें, मोटरसाइकिलें, क्रेन और बड़े जेनरेटर सहित दर्जनों वाहन ताश के पत्तों की तरह पानी में बह गए। इसके अलावा, मुख्य मार्ग और मंदिर परिसर के आसपास लगी प्रसाद, खिलौने और खाने-पीने की कई दुकानें भी बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। इस अचानक आई आपदा से पूरे मेला क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।
दो श्रद्धालुओं के बहने की आशंका, रेस्क्यू जारी:
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से खबर आ रही है कि बाढ़ के इस तेज थपेड़े में दो श्रद्धालु भी पानी के बहाव में बह गए हैं, हालांकि स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके साथ ही नदी के दूसरी ओर और निचले इलाकों में कई अन्य श्रद्धालुओं के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद:
घटना की भयंकर स्थिति को देखते हुए सहारनपुर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसडीएम (SDM) बेहट मानवेंद्र सिंह, स्थानीय तहसीलदार, नायब तहसीलदार, इंस्पेक्टर मिर्जापुर सूबे सिंह और इंस्पेक्टर बेहट जितेंद्र कुमार दीक्षित भारी पुलिस बल और आपदा राहत टीमों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर कमान संभालते हुए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू करवा दिया है।
लाउडस्पीकर से की जा रही है सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील:
शाकंभरी देवी चौकी पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार लाउडस्पीकर के जरिए पूरे क्षेत्र में मुनादी करा रही हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों से सख्त हिदायत के साथ अपील की जा रही है कि वे नदी, खोल और पानी के बहाव वाले किसी भी क्षेत्र के नजदीक बिल्कुल न जाएं। पहाड़ी इलाकों से अभी भी पानी आने का सिलसिला जारी है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र की कड़ी निगरानी की जा रही है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों और धर्मशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है।








