लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के कई हब विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। औद्योगिक विकास विभाग ने 2,000 से अधिक कंपनियों से संपर्क किया है, जिनमें से तत्काल निवेश के लिए 26 कंपनियों को चुना गया है। इन कंपनियों से करीब 3,936 करोड़ रुपये के निवेश और 22 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार GCC के लिए जमीन और कार्यालय उपलब्ध कराने के साथ विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के सहयोग से प्रतिभा का मजबूत ढांचा तैयार कर रही है। इसके तहत 25 विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों के डेटा की मदद से टैलेंट पूल तैयार किया जाएगा, ताकि कंपनियों को स्थानीय स्तर पर कुशल प्रतिभाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट समेत कंपनियों से बातचीत
GCC निवेश के लिए अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, ऑप्टम और बार्कलेज को एंकर GCC के तौर पर चिह्नित किया गया है। वहीं एलजी, अमेरिप्राइज, एओएन, मेटलाइफ और टेबल स्पेस जैसी कंपनियों से बातचीत चल रही है।
एडोबी, फिसर्व और ईएक्सएल समेत करीब 150 GCC कंपनियों को संभावित निवेशक समूह में रखा गया है। चार प्रस्तावों को उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी मिल चुकी है। इनमें करीब 1,710 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है और ये फिलहाल कैबिनेट अनुमोदन या लेटर ऑफ कम्फर्ट के चरण में हैं।
इसके अलावा 14 मामले डीपीआर स्तर पर हैं, जिनमें करीब 1,223 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। दो मामलों में जमीन से जुड़ी अड़चन सामने आई है।
नोएडा में 169 GCC, 167 एकड़ जमीन तैयार
GCC हब के लिए नोएडा पर विशेष फोकस किया जा रहा है। फिलहाल नोएडा में 169 GCC संचालित हैं। यहां 12 विकल्पों में 24.6 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस मैप किया गया है, जिसमें 26.9 लाख वर्ग फुट जगह तत्काल उपलब्ध बताई गई है।
नोएडा में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस का किराया करीब 65 से 85 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह है। सेक्टर-127 में उपलब्ध स्पेस का करीब 57 फीसदी हिस्सा है। इसके अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में GCC के लिए 167 एकड़ जमीन तैयार की गई है।
इसमें नोएडा के वाणिज्यिक भूखंडों की 37.4 एकड़, ग्रेटर नोएडा की 77 एकड़ और 52.8 एकड़ अन्य जमीन शामिल है। करीब 10.1 लाख वर्ग फुट तैयार किराये की जगह भी चिह्नित की गई है।
यूपी के युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि GCC प्रदेश की मेधा को राज्य में रोकने और बाहर से प्रतिभाओं को आकर्षित करने में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को प्रदेश में बेहतर वेतन और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सरकार का फोकस निवेश आकर्षित करने के साथ ऐसा प्रतिभा तंत्र तैयार करने पर है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश GCC के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सके।









