लखनऊ: राजधानी में शुक्रवार को स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। पारा स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र स्कूल से बाहर निकलकर बुद्धेश्वर पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों के प्रदर्शन से व्यस्त मार्ग पर जाम लग गया।
शिक्षक नहीं, पढ़ाई कैसे होगी?
छात्रों ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी को सबसे बड़ी समस्या बताया। उनका कहना था कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों ने स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।
छात्रों का आरोप था कि कई बार स्कूल प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाई।
जाम में फंसा मंत्री का काफिला
छात्रों के प्रदर्शन से बुद्धेश्वर चौराहे के आसपास वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी जाम में कन्नौज जा रहे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का काफिला भी फंस गया।
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही मंत्री गाड़ी से उतरे और सीधे छात्रों के बीच पहुंच गए। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने शिक्षकों की कमी के साथ भोजन और साफ-सफाई की शिकायत भी रखी।
सड़क से स्कूल तक छात्रों के साथ पहुंचे मंत्री
असीम अरुण ने छात्रों को सिर्फ आश्वासन नहीं दिया, बल्कि उनके साथ विद्यालय भी पहुंचे। स्कूल में उन्होंने छात्रों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
समाज कल्याण विभाग के सचिव आईएएस अनुराग यादव ने भी छात्रों से बातचीत की। मंत्री ने शिक्षकों की कमी समेत अन्य समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
मंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। छात्रों के सड़क से हटने के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हुई।
स्कूल ड्रेस में छात्रों का सड़क पर उतरना और अपनी समस्याएं सीधे मंत्री के सामने रखना चर्चा का विषय रहा। इसे नई पीढ़ी के छात्रों के अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर बढ़ती मुखरता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।









