• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

देश की एकता और अखंडता के लिए गोरक्षपीठ ने आजीवन प्रयास किया : सुशील पंडित

Desk by Desk
24/08/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, गोरखपुर, राजनीति
0
सुशील पंडित

सुशील पंडित

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोरखपुर। प्रखर राष्ट्रवादी चिंतन और मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं कश्मीर मामलों के जानकर सुशील पण्डित ने कहा कि गोरक्षपीठ और उसके पीठाधीश्वरों ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता के लिए आजीवन प्रयास किया है।

श्री पण्डित रविवार को यहां ब्रहमलीन महंत दिग्विजयनाथ की 51 वीं तथा राष्ट्र सन्त ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ की छठवीं पुण्यतिथि की पावन स्मृति में महाराणाप्रताप स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में आयोजित सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के समपान अवसर पर कश्मीर: कल आजकल और कल विषय पर कहा कि गोरक्षपीठ और उसके पीठाधीश्वरों ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता के लिए आजीवन प्रयास किया और अभी भी कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति के संरक्षण और संर्वद्धन में नाथपंथ के पीठाधिपतियों का विशेष योग दान रहा है।

J-K : बांदीपोरा में ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, गोला-बारूद बरामद

उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रान्ताओं एवं उनके होने वाले निरन्तर प्रहारों से नित संकुचित होती हुई भारतीय परम्परा, जीवन मूल्य एवं संस्कृति को नाथ योगियों ने सुरक्षित किया। नाथ सम्प्रदाय का सम्बन्ध भारत के अन्य भू-ंभागों की ही भांति कश्मीर से भी रहा है। उन्होंने कहा कि परम्परा कहती है कि बाबा अमरनाथ की यात्रा में नाथपंथी योगी बड़ी संख्या में वहां जाते थे और प्रवास करते थे और आज भी वहां बड़ी संख्या में ऐसे स्थल विद्यमान है, जो नाथ पंथी साधको के प्रवास स्थल रहे थे।

श्री पण्डित ने कहा कि यह कश्मीर का दुर्भाग्य है कि आज नाथपंथी समुदाय वहां नही है और यही कारण है कि आज कश्मीर भारतीय परम्परा और संस्कृति से दूर हाे गया है। उन्होंने कहा कि बिहार जब बिहार नहीं था, बंगाल जब बंगाल नहीं था, तमिलनाडु जब तमिलनाडु नहीं था और गुजरात जब गुजरात नहीं था, तब भी कश्मीर, कश्मीर ही था। उन्होंने कहा कि महाभारत में भी कश्मीर का उल्लेख है। पिछले दो हजार वर्षों से श्रीनगर का भी बिना किसी परिवर्तन के अस्तित्व बना हुआ है जबकि यह नगर आज लगभग हिन्दुओं से विहीन हो गया है।

किसानों को मोबाइल पर ऋण, बीमा व विपणन की मिलेगी जानकारी, सैम पित्रोदा ने लांच किया पोर्टल

श्री पण्डित ने कहा कि महाभारत काल से कश्मीर का सम्बन्ध भारत के साहित्य, कला, स्थापत्य,मेधा एवं राजनीति से इस प्रकार रहा है कि बहुत से विद्वान कश्मीर को भारत की जननी मानते है। योग, पांचाग, कालगणना, दर्शन, गन्धर्वविद्या, मूर्तिकला, नृर्वयकला आदि सभी ज्ञान परम्पराओं का उद्गम स्थल रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के विवाद को आजभूमि विवाद के रूप में प्रस्तुत किया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि शरणार्थी के रूप में आए हुए मुस्लिम धर्मानुयायियों ने अपनी कुटिल बुद्धि का प्रयोग करते हुए छल-कपट, हिंसा लालच आदि से सुनियोजित तरीकों से कश्मीर की सत्ता हथिया लिया।

उन्होंने कहा कि 370 के तहत मुस्लिम समाज के हितों को देखते हुए कश्मीर को अनेक विशेषाधिकार दे दिया। उन्होंने कहा कि आज कश्मीर से 370 औैर 35ए के अभिषाप से मुक्त हुआ है। जिस अनुच्छेद 370 की नींव पर जेहाद का किला टिका था वह नींव अब टूट चुकी है।

राहुल गांधी आगे आकर कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालें : अशोक गहलौत

श्री पण्डित ने कहा कि देश का वर्तमान नेतृत्व कश्मीर में बदलाव की बयार ला रहा है। आज का भारत दृढ इच्छा शक्ति वाला भारत है। उन्होंने कहा कि आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चार सदस्य भारत के इस कुशल नेतृत्व के साथ खड़े है। देश के नेतृत्व से अब यह उम्मीद बंधी है कि धारा 370 के जिस नींव पर जेहाद का किला खड़ा था अब वह पूर्णतः समाप्त हो जाएगा।

Tags: 24ghante online.comBrahmin Mahant DigvijaynathGorakshpeethkashmiri panditnews in hindipolitical newsSushil Panditकश्मीरी पंडितगोरक्षपीठगोरक्षपीठाधीश्वरब्रहमलीन महंत दिग्विजयनाथसुशील पंडित
Previous Post

आज है मासिक शिवरात्रि, जानें कैसे करें पूजा अर्चना

Next Post

जानें महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिरों की महिमा क्यूँ है निराली

Desk

Desk

Related Posts

CM Yogi met all the people in 'Janata Darshan'
उत्तर प्रदेश

मेहनत से खेलिए, पदक जीतिए और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता लीजिएः मुख्यमंत्री योगी

20/07/2026
Fire breaks out at Jawahar Bhawan in Lucknow
Main Slider

लखनऊ के जवाहर भवन में लगी आग, बुझाने में जुटे दमकल कर्मी

20/07/2026
Potato Pinwheel
Main Slider

घर आएं गेस्ट के लिए झटपट बनाएं चटपटे पोटेटो पिनवील

19/07/2026
chutney
Main Slider

इसका जायका खाने में लगाएगा स्वाद का तड़का, देखें रेसिपी

19/07/2026
Eyebrows
Main Slider

आइब्रो को घनी बनाने के लिए अपनाएं ये उपाय

19/07/2026
Next Post
गणेश चतुर्थी

जानें महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिरों की महिमा क्यूँ है निराली

यह भी पढ़ें

500 Notes

जब अचानक होने लगी 500-500 के नोटों की बारिश, रुपये बटोरने के लिए टूट पड़े लोग

05/10/2024
Tent City

अयोध्या : 25 हजार श्रद्धालुओं के रुकने के लिए तैयार हो रही टेंट सिटी

25/01/2024

शेयर बाजार में बढ़त, सेंसेक्स में 700 अंक का उछाल, निफ्टी भी 14700 के पार

01/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version