• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पाकिस्तान में सरकार बदली, हालात नहीं

Writer D by Writer D
12/04/2022
in अंतर्राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

पाकिस्तान (Pakistan) में पिछले कई महीनों से चली आ रही राजनीतिक उथल-पुथल भले इमरान खान (imran Khan) की सत्ता जाने के बाद समाप्त होती दिखाई दे रही है, लेकिन दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है कि पाकिस्तान राजनीतिक भंवर से निकलने में सफल हो गया। इसका मूल कारण यही माना जा रहा है कि इमरान को सत्ता से हटाने के लिए पाकिस्तान के विपक्षी राजनीतिक दल जिस प्रकार लामबंद हुए, वह समय के हिसाब से अनुकूल कहे जा सकते हैं लेकिन यह लम्बे समय तक राजनीतिक पिच पर जमे रहेंगे, इसकी संभावना कम है। क्योंकि नई सरकार में जो दल शामिल होंगे, वे पहले से ही एक-दूसरे के विरोध में राजनीतिक अखाड़े में उतर चुके हैं।

इमरान खान की सबसे बड़ी कमजोर कड़ी अगर कोई रही तो वह उसके अपने साथियों द्वारा साथ छोड़ देना है। इमरान खान की सत्ता जाते ही यह फिर प्रमाणित हो गया कि पाकिस्तान अपने बनाए हुए रास्ते पर पूरी तरह से कायम है। पाकिस्तान के इतिहास में आज तक कोई प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। इमरान खान से यह उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उसे भी विपक्ष ने एकता स्थापित करके राजनीतिक मैदान से आउट करके अपने इतिहास को कायम रखा है।

पाकिस्तान की संसद में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ और उन्हें पराजय मिली। इस तरह इमरान खान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा। पाकिस्तान का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि इमरान खान के कार्यकाल में पाकिस्तान आर्थिक रूप से कंगाल हो गया, महंगाई अपने चरम पर है। हालांकि ऐसी स्थितियों में इमरान खान के अलावा कोई दूसरा भी होता तो उसके सामने ऐसी ही स्थितियां निर्मित होती, लेकिन ठीकरा इमरान के सिर ही फूटना था, जो फूट भी गया है।

आतंकियों ने पांच पुलिस कर्मियों को रॉकेट से उड़ाकर दी शहबाज को सलामी

पाकिस्तान के शासकों की सबसे बड़ी विसंगति यह है कि विश्व के कई देश पाकिस्तान से आतंकी सरगनाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। ऐसी कार्रवाई न होने के कारण पाकिस्तान को भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एफएटीएफ ने उसे ग्रे सूची में डाल दिया है, अब उस पर काली सूची में आने का खतरा भी मंडरा रहा है। यह खतरा इसलिए भी अधिक है क्योंकि सरकार चाहते हुए भी आतंकियों के विरोध में उतना बड़ा कदम नहीं उठा सकती, जितने की अपेक्षा की जा रही है। उसके पीछे कारण यही है कि पाकिस्तान में शरण लिए आतंकी सरगना का बहुत बड़ा जाल है, जो किसी न किसी रूप में सरकार को भी नियंत्रित करने की हैसियत रखता है। दूसरा बड़ा कारण यह है कि वहां की सेना आतंकियों के साथ खड़ी हुई दिखाई देती है। पाकिस्तान की वास्तविकता यही है कि वहां की सरकार सेना और आतंकियों के समर्थन के बिना चल ही नहीं सकती।

पाकिस्तान की खराब स्थिति के बारे में यह तर्क दिया जा रहा है कि इमरान खान के प्रधानमंत्रित्व काल में गलत नीतियों पर चलते हुए न केवल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को डुबो दिया गया, बल्कि विदेशी कर्ज का बोझ भी रिकॉर्ड स्तर पर तक बढ़ा दिया। इमरान खान ने कई देशों के साथ पाकिस्तान के रिश्ते भी बिगाड़ दिए जिनमें वे देश भी शामिल हैं जिनकी मदद के बिना पाकिस्तान एक कदम भी नहीं चल सकता। यही सब इमरान खान की समय से पहले सत्ता से बेदखली का कारण बना।

अब पाकिस्तान में प्रधानमंत्री पद पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ की ताजपोशी हो गयी है। चूंकि पश्चिम में अफगानिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन और पूर्व में भारत के बीच स्थित पाकिस्तान रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण देश है इसलिए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पाकिस्तान की राजनीति में हो रहे इस बदलाव का क्या दुनिया पर भी कोई असर पड़ेगा? साल 2018 में जब इमरान खान पाकिस्तान की सत्ता में आए तभी से उन्होंने अमेरिका के खिलाफ निराशा भरा रवैया अपनाया जबकि चीन को काफी महत्व दिया। पिछले दिनों इमरान खान ने रूस के साथ भी नजदीकियां बढ़ाईं और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात और बात भी की।

शहबाज शरीफ बने पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री, विवादों से है गहरा नाता

हालांकि विदेश मामलों के विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान में सेना ज्यादा शक्तिशाली है जो कि पाकिस्तान की विदेश और रक्षा नीति को नियंत्रित करती है। ऐसे में पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता का दूसरे देशों पर प्रभाव बहुत सीमित ही पड़ेगा। फिर भी इन देशों को लेकर पाकिस्तान की नीति को समझना जरूरी है। परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान ने 1947 में आजादी के बाद से तीन युद्ध लड़े और हर बार भारत से मुंह की खाई। जब इमरान खान की सरकार पाकिस्तान में आई तब से दोनों देशों के बीच कई सालों से कोई औपचारिक राजनयिक वार्ता भी नहीं हुई। इसकी एक वजह ये भी है कि इमरान खान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हमेशा आलोचना करते रहे, लेकिन अब माना जा रहा है कि पाकिस्तान में बनी नई सरकार पर वहां की सेना कश्मीर में सफल सीजफायर को लेकर दबाव डाल सकती है।

इमरान की बॉल पर विपक्ष क्लीन बोल्ड, 90 दिन में होगा बड़ा खेल

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने हाल ही में कहा भी था कि अगर भारत सहमत होता है तो उनका देश कश्मीर पर बातचीत के लिए आगे बढ़ने को तैयार है। उधर, अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार है, जिसके साथ भी पाकिस्तान के संबंध कमजोर हो गए हैं। पाक सेना और तालिबान के बीच तनाव है क्योंकि पाक ने अपनी सीमा पर अपने कई सैनिक खोए हैं। इसलिए पाकिस्तान चाहता है कि इन चरमपंथियों पर नकेल कसना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये आगे चलकर पाकिस्तान में तबाही जरूर मचाएंगे।

हालांकि पाकिस्तान अगर भारत के साथ अशांति बढ़ाता है तो इसका प्रभाव अमेरिका पर पड़ सकता है। जानकार ये भी मानते हैं कि पाकिस्तान की नई सरकार अमेरिका से रिश्ते सुधर सकती है। इमरान खान अपने कार्यकाल के दौरान अमेरिका को छोड़कर चीन के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर बहुत जोर देते रहे। ऐसे में पाकिस्तान की सरकार का चीन के प्रति कैसा रवैया रहेगा, यह देखना होगा।

Tags: # world newsinternational Newspakistan new prime ministerShahbaz Sharif
Previous Post

सिपाही ने संदिग्ध हालात में सरकारी राइफल से गोली मारकर की आत्महत्या

Next Post

9 माह के मासूम को रोने की सजा, बेरहम मां ने बिस्तर पर फटका और….

Writer D

Writer D

Related Posts

Suicide Attack
Main Slider

विस्फोटक से लदी ऑटो बनी ‘चलता-फिरता बम’, धमाके में 8 लोगों के चिथड़े उड़े

12/05/2026
Main Slider

Met Gala 2026 : Karan Johar ने ग्लोबल डेब्यू में बिखेरा बॉलीवुड फैशन का जलवा

06/05/2026
Main Slider

SelectUSA Summit 2026 : भारतीय कंपनियों ने किया 20.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निवेश

06/05/2026
Stress causes memory loss
Main Slider

तनाव बढ़ती उम्र में याददाश्त को पहुंचा सकता है नुकसान

04/05/2026
kailash mansarovar
Main Slider

कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर नेपाल का दावा अनुचित, भारत ने बातचीत की जताई तैयारी

04/05/2026
Next Post
Children

9 माह के मासूम को रोने की सजा, बेरहम मां ने बिस्तर पर फटका और....

यह भी पढ़ें

आन्दोलन के सात माह पूरे होने पर राज्यपालों को किसानों ने सौंपा ज्ञापन

26/06/2021
Pooja Chopra

मिस इंडिया रह चुकीं पूजा चोपड़ा हुई कोरोना संक्रमित

01/05/2021
हाथरस केस

हाथरस केस : अलीगढ़ जेल पहुंची सीबीआई टीम, आरोपियों से होगी पूछताछ

19/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version