• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हलछठ व्रत: संतान की लंबी आयु के लिए इस विधि से करें पूजा

Desk by Desk
07/08/2020
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
हल छठ पूजा

हल छठ पूजा

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। हलछठ पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। बलरामजी का प्रधान शस्त्र हल तथा मूसल है। इसी कारण उन्हें हलधर भी कहा जाता है। इस पर्व को हरछठ के अलावा कुछ पूर्वी भारत में ललई छठ के रुप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से पहले शेषनाग ने बलराम के अवतार में जन्म लिया था।

यह पूजन सभी पुत्रवती महिलाएं करती हैं। यह व्रत पुत्रों की दीर्घ आयु और उनकी सम्पन्नता के लिए किया जाता है। इस व्रत में महिलाएं प्रति पुत्र के हिसाब से छह छोटे मिटटी या चीनी के वर्तनों में पांच या सात भुने हुए अनाज या मेवा भरतीं हैं।

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूजा-अर्चना के बाद पूरे दिन निराहार रहना चाहिए। फिर शाम के समय पूजा-आरती के बाद फलाहार लिया जाता है। इस व्रत को करने से व्रती को धन, ऐश्वर्य आदि की प्राप्ति भी होती है।

छोटी कांटेदार झाड़ी की एक शाखा ,पलाश की एक शाखा और नारी जोकि एक प्रकार की लता होती है की एक शाखा को भूमि या किसी मिटटी भरे गमले में गाड़ कर पूजन किया जाता है। महिलाएं पड़िया वाली भैंस के दूध से बने दही और महुवा (सूखे फूल) को पलाश के पत्ते पर खा कर व्रत का समापन करती हैं।

इस दिन गाय के दूध व दही का सेवन करना वर्जित माना जाता है। इस दिन बिना हल चले धरती का अन्न व शाक भाजी खाने का विशेष महत्व है। इस व्रत को पुत्रवती स्त्रियों को विशेष तौर पर करना चाहिेए। हरछठ के दिन दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को पसही के चावल और महुए का पारण करने की मान्यता है।

हलछठ मुहूर्त

  • षष्टी तिथि प्रारंभ – 28:19 बजे से (8 अगस्त)
  • षष्टी तिथि समाप्त – 30:42 तक (9 अगस्त)
Tags: "Hal shasti 2020 date:hal chatt 2020 datehal shashti 2020 dateहल छठ 2020हल छठ कब हैहल छठ पूजा
Previous Post

सोज की नजरबंदी को लेकर प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया ये बड़ा आरोप

Next Post

मध्यप्रदेश में अब केवल रविवार को लॉकडाउन, रात का कर्फ्यू जारी रहेगा : शिवराज

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, योगी सरकार का जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

12/10/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया

12/10/2026
उत्तराखंड

हरिद्वार में कैबिनेट के 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ऋषिकुल में बनेगा प्राच्य शोध संस्थान

12/10/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, PMGSY-IV के तहत ₹2,708 करोड़ के प्रस्तावों पर बनी सहमति

12/10/2026
Main Slider

कुंभ-2027 का शंखनाद: धामी ने लॉन्च किया लोगो, वेबसाइट और गीत

12/10/2026
Next Post
शिवराज कैबिनेट का विस्तार Shivraj cabinet expansion

मध्यप्रदेश में अब केवल रविवार को लॉकडाउन, रात का कर्फ्यू जारी रहेगा : शिवराज

यह भी पढ़ें

JNU

फिर विवादों में घिरा JNU, दीवारों पर लिखे गए देश विरोधी स्लोगन

01/10/2023

धर्मगुरुओं से समन्वय स्थापित कर बाल विवाह की रोकथाम के लिए ‘सेवा’ चलाएगा विशेष अभियान

29/04/2025
Animals

घर में रखें ये मूर्ति, रिश्ते में बढ़ेगा प्यार

09/07/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version