• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मुझे क्या खाना है ये आप कैसे तय कर सकते है?, गुजरात हाईकोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार

Writer D by Writer D
10/12/2021
in Main Slider, गुजरात, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद नगर निगम के उस फैसले पर आपत्ति जताई है जिसमें सड़कों के किनारे नॉनवेज बेचने पर बैन लगा दिया गया है। गुजरात हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम से पूछा कि आप लोगों को उनकी पसंद की चीजों को खाने से कैसे रोक सकते हैं? आपको बता दें कि निगम की तरफ से 15 नवंबर को सड़कों के किनारे ठेलों और रेहड़ी में मांसहार बेचने के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इसे बैन कर दिया गया था।

जस्टिस बिरेन वैष्णव की बेंच ने कई सवाल किए उन्होंने पूछा कि मुझे क्या खाना है यह आप कैसे तय कर सकते हैं? आपको मांसाहार पसंद नहीं है तो ये आपका नजरिया है। लेकिन आप किसी भी व्यक्ति को उसकी पसंद का खाना खाने से कैसे रोक सकते हैं।

पीठ ने अहमदाबाद नगर निगम (AMC) से पूछा कि क्या दूसरे लोगों को आपकी मर्जी के हिसाब से चलना होगा? मतलब कल सुबह आप यह तय करेंगे कि मुझे बाहर जाकर क्या खाना चाहिए?

हेलिकॉप्टर क्रैश: अंतिम सात मिनट में क्या हुआ, जिसने बिपिन रावत समेत 13 लोगों की ले ली जान

वहीं, इस दौरान उन्होंने अहमदाबाद नगर निगम की खिंचाई भी की। उन्होंने कहा कि मुझे अगर कल गन्ने का रस पीने की इच्छा होगी तो आप यह कहेंगे कि शुगर हो जाएगी, इसलिए नहीं पीना और कॉफी स्वास्थ्य के लिए खराब हैं? ये क्या बात हुई…?आप किसी को उसकी पसंद का खाना खाने से कैसे रोक सकते हैं? वहीं, कोर्ट ने एएमसी को मामलों पर जल्द से जल्द विचार करने के आदेश दिए हैं।

बता दें कि कोर्ट याचिकाकर्ताओं के वकील रोनित जॉय की तरफ से दिए गए प्रस्तावों का जवाब दे रही थी। इसमें कहा गया था कि उनकी गाड़ियां बिना किसी आधिकारिक आदेश के जब्त किया गया था। वडोदरा, सूरत, भावनगर, जूनागढ़ और अहमदाबाद में नागरिक निकायों की तरफ से प्रतिकूल स्थिति के कारण गाड़ियों को जब्त किया गया। वहीं, पिछले महीने राजकोट की मेयर ने कहा कि मांसाहारी भोजन बेचने वाली गाड़ियां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।

Tags: gujrat highcourtgujrat newsNational newsnon-veg banned
Previous Post

हेलिकॉप्टर क्रैश: अंतिम सात मिनट में क्या हुआ, जिसने बिपिन रावत समेत 13 लोगों की ले ली जान

Next Post

पंचतत्व में विलीन हुए शहीद ब्रिगेडियर लिड्डर, बेटी ने दी बहादुर पिता को मुखाग्नि

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

Radhashtami: राधा रानी को लगाएं इन चीजों का भोग, जीवन में बनी रहेगी खुशियां

19/09/2026
Main Slider

राधा अष्टमी पर राधारानी के 108 नाम के मंत्रो का करें जाप

19/09/2026
Main Slider

‘ मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में सीएम धामी ने युवा प्रतिभाओं से किया संवाद, तकनीक और इनोवेशन पर हुई चर्चा

18/09/2026
उत्तराखंड

दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर, एमएसपी पर खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के निर्देश

18/09/2026
उत्तराखंड

युवाओं के विचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

18/09/2026
Next Post

पंचतत्व में विलीन हुए शहीद ब्रिगेडियर लिड्डर, बेटी ने दी बहादुर पिता को मुखाग्नि

यह भी पढ़ें

38 killed in cloudburst in Kishtwar

किश्तवाड़ में बादल फटने से दो CISF जवान समेत 38 की मौत, 200 से अधिक लापता

14/08/2025
money

आर्थिक तंगी से हैं परेशान, अपनाएं ये टिप्स

20/07/2024
MSME

ख़त्म हुआ लंबा इन्तजार, मात्र 3 दिनों में मिलेगी MSME सेक्टर से जुड़े उद्योगों को शुरू करने की मंजूरी

19/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version