• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कैसे बचेंगे कुलभूषण जाधव? रिव्यू पिटिशन के लिए हैं सिर्फ 4 दिन बाकी

Desk by Desk
16/07/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
कुलभूषण जाधव Kulbhushan Jadhav

कुलभूषण जाधव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना ऑफिसर कुलभूषण जाधव को लेकर एक बार फिर से खींचतान शुरू हो गई है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है।

जाधव को मौत की सजा सुनाई गई है। सजा के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दाखिल करने के लिए जाधव के सामने 20 जुलाई तक का वक्त है। पिछले दिनों पाकिस्तान ने झूठ बोलते हुए कहा था कि जाधव रिव्यू पिटिशन के पक्ष में नहीं है। ऐसे में अगले 4 दिनों के अंदर भारत को पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा।

बता दें कि पिछले साल आईसीजे ने पाकिस्तान को फांसी की सजा पर रोक लगाने और फैसले के पुनर्विचार का आदेश दिया था। आईए एक नजर डालते हैं कि इस केस में अब तक क्या हुआ है और भारत के सामने क्या विकल्प हैं?

भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह बिना किसी शर्त के जेल में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना ऑफिसर कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस दे। काउंसलर एक्सेस का मतलब है कि उन्हें भारत के राजनयिक या अधिकारी को जेल में उनसे मिलने की इजाजत देना। पिछले हफ्ते भारत ने कहा था कि वो इस मामले में कानूनी विकल्पों को टटोल रहा है।

पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने दावा किया था कि जासूसी के आरोप में सैन्य अदालत से मौत की सजा पाए जाधव ने पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है।

पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा था, ‘इस चरण में, हम अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हम भारतीय नागरिक की जिंदगी बचाने के लिये पूरी कोशिश करेंगे।

पिछले दिनों पाकिस्तान ने कहा था कि जाधव ने विकल्प दिये जाने के बावजूद अपनी सजा के खिलाफ इस्लामाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर करने से इनकार कर दिया है। सके कुछ घंटों बाद ही भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को “स्वांग” करार देते हुए कहा कि जाधव को अधिकार छोड़ने के लिये “मजबूर” किया गया।

16 जुलाई से होने वाली एकेटीयू की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। इसके कुछ हफ्तों बाद भारत ने जाधव को दूतावास पहुंच नहीं दिये जाने और उसे सुनाई गई मौत की सजा को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में अपील की थी। आईसीजे ने तब पाकिस्तान को सजा पर अमल करने से रोक दिया था।

पिछले साल यानी 2 सितंबर 2019 को पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को पहली बार कॉन्सुलर एक्सेस दिया था। उस वक्त इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद भारत की ओर से कहा गया था कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव पर गलत बयान देने के लिए काफी दबाव बना रहा है। 2016 में हिरासत में लिए जाने के बाद जाधव तक भारत की ये पहली राजनयिक पहुंच थी।

कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं। पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है। हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को कई बार नकारा जा चुका है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था।

कुछ दिन पहले हरीश साल्वे ने कहा था कि उन्हें वापस लाने के लिए कई बार बैक-चैनल से वहां की सरकार को मनाने की कोशिशें की गईं। साल्वे इस केस में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में भारत के कॉउंसिलर थे. साथ ही वो भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल भी हैं।

हरीश साल्वे ने लंदन में कहा था ‘हमें उम्मीद थी कि पाकिस्तान से पिछले दरवाजे से बातचीत करने पर हम उन्हें मना लेंगे। हम उन्हें मानवीय आधार पर छोड़ने की बात कर रहे थे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दरअसल कुलभूषण जाधव का मामला पाकिस्तान के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया था।

साल्वे का कहना है कि इस बारे में अब हम विचार कर रहे हैं कि क्या हमें फिर से ICJ जाना चाहिए या नहीं। दरअसल पाकिस्तान ने इस बारे अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने इस बारे में अभी तक FIR की कॉपी शेयर नहीं की है। इसके अलावा पाकिस्तान की तरफ से चार्जशीट की कॉपी भी नहीं दी गई है। बार-बार कहने के बाद भी पाकिस्तान की तरफ से कोई सबूत नहीं दिया जा रहा है।

Tags: Indiakulbhushan jadhavPakistanकुलभूषण जाधवकैसे बचेंगे कुलभूषण जाधव?पाकिस्तानभारत
Previous Post

दिल्ली का अलग शिक्षा बोर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू

Next Post

दिल्ली विश्वविद्यालय में अगस्त में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होंगी आयोजित

Desk

Desk

Related Posts

cm dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने वृद्ध जागेश्वर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना

16/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

हरेला केवल पर्व नहीं, प्रकृति संरक्षण का जनआंदोलन है: मुख्यमंत्री धामी

16/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

श्रावणी मेले का शुभारंभ, जागेश्वर धाम में मुख्यमंत्री धामी ने की पूजा

16/07/2026
Anand Bardhan
उत्तराखंड

मुख्य सचिव ने किया लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का निरीक्षण, 2031 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया

16/07/2026
Earthquake
अंतर्राष्ट्रीय

6.3 तीव्रता के भूकंप से कांपा ये देश, सुनामी अलर्ट जारी

16/07/2026
Next Post

दिल्ली विश्वविद्यालय में अगस्त में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होंगी आयोजित

यह भी पढ़ें

Geeta Kapoor became emotional after remembering her mother, said ..

मां को याद कर इमोशनल हुई गीता कपूर, बोलीं..

28/05/2021
The CM Yogi heard the problems of 150 people

वंचितों को आवास और जरूरतमंदों को मुहैया कराएं इलाज : सीएम योगी

12/05/2025
curd bhindi

इस डिश से खाने में लाएं ट्विस्ट, फेस्टिव सीजन पर है यह बेहतरीन ऑप्शन

03/02/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version