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हिन्दू है तो उसे देशभक्त होना ही होगा, कोई हिन्दू भारत विरोधी नहीं हो सकता : भागवत

Writer D by Writer D
02/01/2021
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
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Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोई हिन्दू है तब वह देशभक्त होगा और यह उसका बुनियादी चरित्र एवं प्रकृति है। संघ प्रमुख ने महात्मा गांधी की उस टिप्पणी को उद्धृत करते हुए यह बात कही जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी देशभक्ति की उत्पत्ति उनके धर्म से हुई है।

जे के बजाज और एम डी श्रीनिवास लिखित पुस्तक मेकिंग आफ ए हिन्दू पैटियट : बैकग्राउंड आफ गांधीजी हिन्द स्वराज का लोकार्पण करते हुए मोहन भागवत ने यह बात कही।

भागवत ने कहा कि किताब के नाम और मेरा उसका विमोचन करने से अटकलें लग सकती हैं कि यह गांधी जी को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश है। महापुरुषों को कोई अपने हिसाब से परिभाषित नहीं कर सकता।

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उन्होंने कहा कि यह किताब व्यापक शोध पर आधारित है और जिनका इससे विभिन्न मत है वह भी शोध कर लिख सकते हैं।

संघ प्रमुख ने कहा कि गांधीजी ने कहा था कि मेरी देशभक्ति मेरे धर्म से निकलती है। मैं अपने धर्म को समझकर अच्छा देशभक्त बनूंगा और लोगों को भी ऐसा करने को कहूंगा। गांधीजी ने कहा था कि स्वराज को समझने के लिए स्वधर्म को समझना होगा।

स्वधर्म और देशभक्ति का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि हिन्दू है तो उसे देशभक्त होना ही होगा क्योंकि उसके मूल में यह है। वह सोया हो सकता है जिसे जगाना होगा, लेकिन कोई हिन्दू भारत विरोधी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जब तक मन में यह डर रहेगा कि आपके होने से मेरे अस्तित्व को खतरा है और आपको मेरे होने से अपने अस्तित्व पर खतरा लगेगा तब तक सौदे तो हो सकते ,हैं लेकिन आत्मीयता नहीं।

भागवत ने कहा कि अलग होने का मतलब यह नहीं है कि हम एक समाज, एक धरती के पुत्र बनकर नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि एकता में अनेकता, अनेकता में एकता यहीं भारत की मूल सोच है।

Tags: mahtama gandhiMohan BhagwatNational news
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