• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अगर बदनामी शब्द से गलती से भी हो जाए सामना तो जीते जी मरना निश्चित

Writer D by Writer D
23/09/2021
in Main Slider, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। हर कोई अपने जीवन को शान से जीना चाहता है। हर एक की इच्छा यही होती है कि उसके जीवन में किसी भी प्रकार की दुख तकलीफ की छाया भी न पड़े। जीवन के इन्हीं दुख और तकलीफों से बचने के लिए आचार्य चाणक्य ने कुछ नीतियां बनाई हैं। साथ ही कुछ अनमोल विचार भी व्यक्ति किए हैं।

ये नीतियां और अनुमोल विचार आज के जमाने में भी प्रासांगिक बने हुए हैं। अगर आप भी अपने जीवन में खुशहाली बरकरार रखना चाहते हैं तो चाणक्य की इन विचारों को अपने जीवन में उतारें। आज हम आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से एक विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार बदनामी पर आधारित है।

“सभी प्रकार के भय से बदनामी का भय सबसे बड़ा होता है।” आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य ने उपरोक्त लाइनों में मनुष्य के जीवन के सबसे बड़े भय का जिक्र किया है। इस कथन के मुताबिक मनुष्य को अपने जीवन में सबसे ज्यादा भय अगर किसी चीज का होता है तो वो बदनामी है। बदनामी की आग मनुष्य के जीवन को इस कदर झुलसाती है कि वो जिंदगी भर शर्मिंदगी महसूस करता है।

बदनामी उसके दिमाग और जीवन पर इस कदर हावी हो जाती है कि वो समाज में अपने आपको को हीन भावना से देखने लगता है। यही हीन भावना उसे अंदर ही अंदर इतनी कचोटती है कि वो खुद को अपने परिवार और समाज से दूर करने लगता है। बदनामी के डर से उसकी जिंदगी बस चार दीवारी में ही कैद होकर रह जाती है।

जीवन में कई बार ऐसे पड़ाव किसी की जिंदगी में आते हैं जब उसे बदनामी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उस व्यक्ति का मजाक उड़ान से अच्छा है कि आप उसे अपना कंधा दें। उसकी परेशानी समझें और उसे इस दुख से उबारने की कोशिश करें। अगर आप भी किसी व्यक्ति को जानते हैं जो बदनामी की आग में झुलस रहा तो उसके साथ बिल्कुल भी गलत व्यवहार न करें। ऐसा करके आप न केवल अपने बल्कि उस व्यक्ति के जीवन को भी खुशियों से भर सकते हैं।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

युवक की हत्या में पिता पुत्र समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट

Next Post

वेट लॉस जर्नी को कम करने के लिए इन 5 आयुर्वेदिक हर्ब्स का करें प्रयोग

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

बहादुरी को सलाम! कैप्टन स्मित को इजराइल-अमेरिका से सम्मान

09/10/2026
Main Slider

काशी से जेवर तकः उत्तर प्रदेश की टेक्नोक्रांति

09/10/2026
Main Slider

‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बना यूपी: सीएम योगी

09/10/2026
Main Slider

‘युवा संवाद-2026’ में नितिन नवीन ने युवाओं से किया सीधा संवाद

08/10/2026
Main Slider

रामविलास जी को जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में भी दिलाएंगेः मुख्यमंत्री

08/10/2026
Next Post
HERBS TO LOSS WEIGHT

वेट लॉस जर्नी को कम करने के लिए इन 5 आयुर्वेदिक हर्ब्स का करें प्रयोग

यह भी पढ़ें

keshav maurya

विभिन्न जनपदों के मार्गों/सेतुओं को ‘कल्याण सिंह मार्ग’ तथा ‘डॉ. विश्वनाथ शर्मा रेल उपरिगामी सेतु’ के नाम से किया गया नामकरण

06/10/2021
Asian Badminton Championship

सात्विक-चिराक ने रचा इतिहास, 58 साल बाद बैडमिंटन में भारत ने जीता गोल्ड

01/05/2023
Life Imprisonment

पेट्रोल छिड़ककर मासूम बच्चे को जलाकर मार डालने वाले आरोपित को उम्र कैद

19/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version