• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सैनिकों के लिए ठंड से बचने के लिए भारत ने अमेरिका से मंगवाएं विशेष कपड़े

Desk by Desk
03/11/2020
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
भारतीय सैनिक

भारतीय सैनिक

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भारत और चीन में चली आ रही खींचतान के बीच अमेरिका ने भारतीय सैनिकों के लिए ठंड से बचने के लिए विशेष कपड़े भेजे हैं।

अमरीका  से आए ये कपड़े भारत-चीन सीमा  पर विषम परिस्थितियों में तैनात जवानों को दिए जाएंगे। चूंकि भारत-चीन सीमा पर सर्दियों में भयंकर ठंड पड़ती है, ऐसे में भारतीय जवानों को मौसम  की मार से बचने के लिए गर्म कपड़ों की जरूरत होती है।

आपको बता दें कि गलवान घाटी  में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारतीय जवानों को अभी कुछ और दिन सीमा पर जमा रहना पड़ सकता है। यही वजह है कि अपने सैनिकों को भीषण ठंड से बचाने के लिए भारत ने उनके लिए विशेष कपड़े मंगवाएं हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भीषण ठंड से भारतीय सैनिकों के बचाव के लिए अमरीका की ओर से विशेष कपड़ों की पहली खेप भारत पहुंची चुकी है। यही नहीं, लद्दाखी बॉर्डर पर भारतीय जवान इन कपड़ों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना अपने सैनिकोें को भीषण ठंड से बचाने के लिए लगभग 60 हजार सैनिकों के हिसाब से विशेष कपड़ों का स्टॉक रखती है।

मेरठ : फर्जी निकला ट्रांसपोर्ट कारोबारी बेटे का अपहरण, पुलिस ने किया केस का खुलासा

इस स्टॉक का सबसे अधिक इस्तेमाल पश्चिमी और पूर्वी दोनों सीमा फ्रंट पर तैनान भारतीय जवानों के लिए किया जाता है। लेकिन इस साल 30 हजार अतिरिक्त सेट की जरूरत थी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि चीन के साथ तनातनी के चलते भारतीय सेना ने सीमा पर जवानों की संख्या बढ़ा दी है।

आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। पिछले दिनों यह विवाद तब और अधिक बढ़ गया जब गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच गंभीर संघर्ष हो गया। इस संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि इतना ही नुकसान चीन को भी उठाना पड़ा था। हालांकि चीन इस तरह का कोई आंकड़ा शेयर नहीं किया था।

 

Tags: indian armyNational news
Previous Post

कोरोना के म्यूटेशन ने दुनिया में मचाया कहर, 99.9 फीसदी मामले में वायरस का नया रूप जिम्मेदार

Next Post

राजस्थान : नगर निगम चुनाव में पति की हार के बाद पत्नी ने खाया जहर, हालत गंभीर

Desk

Desk

Related Posts

Satpal Maharaj met CM Dhami.
Main Slider

सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, बड़े ठेकों को छोटे पैकेज में बांटने का किया अनुरोध

13/08/2026
Life-threatening attack on former Punjab Deputy CM Sukhbir Singh Badal.
पंजाब

नांदेड़ में सुखबीर बादल पर हमला, कृपाण से वार की कोशिश; आरोपी पकड़ा गया

13/08/2026
CM Dhami
Main Slider

उत्तराखण्ड में लखपति दीदी का आंकड़ा 3 लाख पार

13/08/2026
Halwasiya Market
Main Slider

शत्रु संपत्तियों पर सरकार का शिकंजा, कब्जे हटेंगे, होगी नीलामी

13/08/2026
Mayawati expelled former minister Antu Mishra from the BSP.
Main Slider

मायावती का बड़ा एक्शन, अंटू मिश्रा बसपा से आउट

13/08/2026
Next Post
Arrested for abetment to suicide

राजस्थान : नगर निगम चुनाव में पति की हार के बाद पत्नी ने खाया जहर, हालत गंभीर

यह भी पढ़ें

धामी 2.0: मंत्रिमंडल में अनुभव और जोश के संतुलन की कोशिश

23/03/2022
इजरायली सेना

इजरायल : सेना ने किया नयी मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण

25/09/2020
liquor scam

2000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का पर्दाफाश, कई नेता और नौकरशाह ED की रडार पर

07/05/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version