• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

उप्र में कल से शुरू होगा सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा अभियान

Writer D by Writer D
06/06/2023
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
Intensive Diarrhea Control Campaign

Intensive Diarrhea Control Campaign

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 07 जून से पांच वर्ष से कम उम्र के कुपोषित या कम वजन वाले बच्चों पर स्वास्थ्य टीम की खास निगाह रहेगी। खासकर इन बच्चों को दस्त से होने वाली समस्याओं के प्रबंधन पर आशा कार्यकर्ता समेत पूरी स्वास्थ्य टीम काम करेगी। सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा (Intensive Diarrhea Control Campaign) सात जून से शुरू होकर 22 जून तक चलेगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश बाल स्वास्थ्य के महाप्रबंधक डॉ। वेद प्रकाश ने दी।

उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के 5-7 प्रतिशत बच्चों में मृत्यु का कारण दस्त है। प्रदेश में हर वर्ष लगभग 16,000 बच्चों की मृत्यु दस्त के कारण होती है जबकि ओआरएस और जिंक के साथ इसका उपचार कर संभव यानि दस्त का सही प्रबंधन कर इन मौतों को रोका जा सकता है। सेम्पल रेजिस्ट्रेशन सर्वेक्षण (एसआरएस) के अनुसार प्रदेश की बाल मृत्यु दर 43 प्रति 1000 जीवित जन्म है।

उन्होंने बताया कि अभियान (Intensive Diarrhea Control Campaign) संबंधी सभी तैयारियां पूरी हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस के पैकेट्स और जिंक की गोलियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पखवाड़ा के बारे में आशा समेत अन्य को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। इस अभियान का उद्देश्य समुदाय में लोगों को बाल्यावस्था में दस्त के दौरान ओआरएस घोल और जिंक के उपयोग के प्रति जागरूक करना, उपलब्ध कराना एवं इसके उपयोग को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में आशा अपने क्षेत्र में पांच वर्ष तक की आयु के हर बच्चे को ओआरएस का पैकेट देंगी।

साथ ही दस्त से पीड़ित बच्चे को ओआरएस के दो पैकेट एवं 14 जिंक की गोलियां देंगी। आशा ओआरएस बनाने की विधि का प्रदर्शन भी करेंगी। इस अभियान के तहत ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजूदरों के बच्चों, शहरी मलिन बस्ती, दूरस्थ क्षेत्र, ऐसे क्षेत्र जहां पहले डायरिया का आउटब्रेक हो चुका हो, छोटे गांव या छोटे कस्बे जहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव हो, वहां पर बच्चों को लाभान्वित किया जाएगा।

घर में रखें ओआरएस पैकेट

राज्य स्तरीय बाल स्वास्थ्य प्रशिक्षक डॉ. सलमान बताते हैं कि दस्त के दौरान बच्चे को ओआरएस घोल एवं जिंक की गोली देनी चाहिए। यदि इसके उपयोग के बाद भी दस्त ठीक न हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। दस्त बंद होने के बाद भी दो माह से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार जिंक की गोलियां 14 दिनों तक देनी चाहिए । जिंक के सेवन से अगले दो से तीन माह तक दस्त होने की संभावना नहीं होती है। दो माह से छह माह तक की आयु के बच्चों को जिंक की आधी गोली मां के दूध के साथ और सात माह से पांच साल तक की आयु के बच्चों को एक गोली जरूर दें। इसके साथ ही बच्चे को स्तनपान, ऊपरी आहार और भोजन जारी रखें। छह माह तक की आयु के बच्चे को केवल स्तनपान कराएं।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान शुरू

उन्होंने कहा कि ओआरएस पैकेट बांटने का उद्देश्य भी यही है कि इसको घर में सदैव रखें और ज्यादा गर्मी में उपयोग करते रहें। बच्चों को सॉफ्ट ड्रिंक या डिब्बाबंद जूस बिल्कुल भी नहीं दें। बच्चे को खाने के लिए दही दें। यह प्रीबायोटिक होता है और पाचन में मदद करता है। इसके अलावा यदि बच्चा सुस्त है, बच्चे की आंखें अंदर की ओर धंसी हुई हैं, बच्चा कुछ पी नहीं पा रहा या पीने में कठिनाई हो रही है, पेट की त्वचा चुटकी भरने पर बहुत धीमे वापस जाती है या मल में खून या रहा है। इनमें से दो या दो से अधिक लक्षण होने पर देर नहीं करें तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। बच्चों में कुपोषण का मुख्य कारण दस्त है। बार-बार दस्त होने से बच्चा कुपोषित हो सकता है और यदि बच्चा कुपोषित है तो जरा से असावधानी से वह दस्त की चपेट में आ सकता है। बच्चे को रोटा वायरस की वैक्सीन जरूर लगवाएं। दस्त से बचें।

  • स्वच्छ पेयजल का ही उपयोग करें
  • पानी उबाल कर ठंडा कर लें उसके बाद उसे इस्तेमाल में लाएं
  • साफ बर्तन में चम्मच से बच्चे को खाना खिलाएं
  • बच्चे को बोतल से दूध या डिब्बाबंद दूध न दें
  • छह माह तक की आयु के बच्चे को केवल स्तनपान कराएं
  • खाना बनाने, खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं
  • शौच के बाद, बच्चे का मल साफ करने के बाद साबुन से हाथ धोएं
Tags: Intensive Diarrhea Control CampaignLucknow Newsorsup news
Previous Post

सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान शुरू

Next Post

पुराने जीर्ण शीर्ण विद्यालयों को दुरुस्त करेगी योगी सरकार

Writer D

Writer D

Related Posts

BSB
उत्तर प्रदेश

छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता, बीएसबी से संबद्ध विद्यालयों को मुख्यधारा से जोड़ रही योगी सरकार

23/06/2026
Keshav Prasad Maurya
Main Slider

केशव मौर्य की पहल, CM आवास योजना में एसिड अटैक पीड़ितों को प्राथमिकता

23/06/2026
Khan Global Classes sealed after Lucknow fire
Main Slider

लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई, खान ग्लोबल क्लासेस सील

23/06/2026
CM Yogi pays tribute to Dr. Shyama Prasad Mukherjee
उत्तर प्रदेश

राष्ट्रवाद की लौ प्रज्ज्वलित करता रहेगा डॉ. मुखर्जी का बलिदान: मुख्यमंत्री

23/06/2026
Bulldozers to be used on Lucknow fire tragedy building
Main Slider

लखनऊ अग्निकांड: 15 मौतों के बाद जागा LDA, अब ध्वस्त होगी मौत की इमारत

23/06/2026
Next Post
New Transfer Policy

पुराने जीर्ण शीर्ण विद्यालयों को दुरुस्त करेगी योगी सरकार

यह भी पढ़ें

पेट्रोल के दामों में नहीं हुआ कोई बदलाव, जानिए डीजल की कीमत बढ़ी या घटी

14/10/2020
CM Yogi inaugurated Seva Pakhwada 2025 from Lucknow

पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत बना दुनिया के लिए प्रेरणाः सीएम योगी

17/09/2025
Ali Solih

पर्यावरण मंत्री की गर्दन पर ब्लेड से हमला, जानें कहां हुआ हमला

23/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version