वाशिंगटन। अमेरिकी मीडिया में आज शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति से जुड़ी एक बेहद सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। प्रमुख अमेरिकी समाचार पत्र ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) ने अपनी एक विशेष रिपोर्ट में दावा किया है कि इजरायल सरकार ने अमेरिका के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील खुफिया इनपुट (Intelligence Input) साझा किया है। इस खुफिया सूचना के अनुसार, ईरान के चरमपंथी गुट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की हत्या करने की एक बड़ी और गंभीर साजिश रच रहे हैं। यदि इजरायल द्वारा दिए गए इस इनपुट की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह जानकारी ऐसे नाजुक समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है और दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हवाई हमले कर रहे हैं।
कासिम सुलेमानी और खामेनेई की मौत का बदला लेना चाहता है ईरान
इस बेहद गंभीर खतरे के पीछे की मुख्य वजह ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर’ (IRGC) की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत को माना जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान, उन्हीं के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेना ने एक सटीक ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। तभी से आईआरजीसी ने सुलेमानी की मौत का बदला लेने की कसम खाई हुई है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में बीती 28 फरवरी 2026 को एक अमेरिकी सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से डोनाल्ड ट्रंप ईरान के चरमपंथियों और आईआरजीसी की ‘हिटलिस्ट’ में शीर्ष स्थान पर आ गए हैं।
अमेरिका के एक अन्य प्रतिष्ठित समाचार चैनल ‘सीएनएन’ (CNN) ने भी इस रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि इजरायल की तरफ से यह खुफिया इनपुट इसी सप्ताह वाशिंगटन को सौंपा गया है, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां और सीक्रेट सर्विस पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायली एजेंसियां यह आकलन डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ और अधिक सख्त व आक्रामक सैन्य फैसले लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से भी कर सकती हैं।
“मैं उनकी हिट लिस्ट में शीर्ष पर हूं” — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
इस गंभीर खतरे को लेकर स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। हाल ही में तुर्किए के अंकारा शहर में आयोजित ‘नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन’ से इतर अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा था, “ईरान के चरमपंथी अमेरिकी नेताओं की जान लेना चाहते हैं और विशेष रूप से मुझे निशाना बनाना चाहते हैं। मैं उनकी हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हूं।
मैं इस मामले में अभी तक बेहद भाग्यशाली रहा हूं कि सुरक्षित हूं, लेकिन हो सकता है कि हमेशा भाग्य मेरा इस तरह साथ न दे।” इस बयान से साफ है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही हैं और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कई गुना अधिक अभेद्य बना दिया गया है।
बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश का भी हो चुका है भंडाफोड़
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की आईआरजीसी (IRGC) केवल डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार को निशाना बनाने की फिराक में है। इसी कड़ी में पिछले महीने ही अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमेरिका की धरती से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जो ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की खौफनाक साजिश रच रहा था। गिरफ्तार किए गए इराकी नागरिक आरोपी ‘मोहम्मद बाकर साद दाउद अलग सादी’ के पास से सुरक्षा एजेंसियों ने इवांका ट्रंप के निजी आवास का विस्तृत नक्शा और रेकी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए थे। कड़े वीआईपी सुरक्षा घेरे के बावजूद की जा रही इस साजिश की जांच में यह खुलासा हुआ था कि आरोपी को ईरान की आईआरजीसी द्वारा विशेष रूप से ट्रेनिंग दी गई थी और वह भी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का प्रतिशोध लेने के लिए इवांका ट्रंप पर आत्मघाती हमला करने की योजना बना रहा था। इस भंडाफोड़ के बाद से ही ट्रंप परिवार की सुरक्षा को वैश्विक स्तर पर बढ़ा दिया गया है।









