• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ISRO को मिली बड़ी सक्सेस, अब भारत भी अंतरिक्ष में भेजगा एस्ट्रोनॉट

Writer D by Writer D
13/12/2024
in Tech/Gadgets
0
ISRO

ISRO

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) लंबे समय से स्पेस में भारत की ओर से एस्ट्रोनॉट को भेजने के लिए काम कर रहा है। हाल में सरकार ने भी इसके लिए मिशन 2040 तैयार किया है, जब गगनयान की मदद से भारत अंतरिक्ष में मानव को भेजने का काम कर लेगा। इस काम को करने के लिए इसरो अलग-अलग टेक्नोलॉजी पर टेस्ट कर रहा है और अब उसके हाथ एक बड़ी सफलता लगी है।

इसरो ने CE20 Cryogenic Engine के लिए जरूरी एक जटिल सी-लेवल टेस्ट को पूरा किया है। इसके बाद इसरो अपने मानव को अंतरिक्ष में भेजने के मिशन में और करीब आ गया है।

ISRO ने कंप्लीट किया टेस्ट

इसरो ने 29 नवंबर को तमिलनाडु के महेंद्रगिरी में अपने इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में इस टेस्ट को कंडक्ट किया। इस टेस्ट में क्रायोजेनिक इंजन को री-स्टार्ट करके देखा गया। ये टेस्ट गगनयान मिशन के लिए बहुत जरूरी है।

मानव मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन इसलिए जरूरी है क्योंकि इसी की मदद से Launch Vehicle Mark-3 (LVM-3) के अपर स्टेज को पावर मिलती है और मानव को अंतरिक्ष में भेजने का मिशन इसी से सक्सेस फुल होगा।

ISRO ने खुद से बनाया इंजन

इस CE20 क्रायोजेनिक इंजन का विकास ख्रुद ISRO ने किया है। इसे लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर ने डेवलप किया है। ये 19 टन के थ्रस्ट लेवल को ऑपरेट कर सकता है और अब तक इसने छह एलवीएम-मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

UPSC ने जारी किया IES और ISS का फाइनल रिजल्ट, यहां चेक करें टाॅपर्स लिस्ट

हाल में इस इंजन को अपडेट करके 20 टन कैपेसिटी का किया गया है, ताकि इसका इस्तेमाल गगनयान में किया गया है। इसे अब 22 टन तक भी बढ़ाया जा चुका है। क्रायोजेनिक इंजन के बिना इंसान को अंतरिक्ष में भेजना मुमकिन नहीं है।

Tags: ISROTechnology
Previous Post

UPSC ने जारी किया IES और ISS का फाइनल रिजल्ट, यहां चेक करें टाॅपर्स लिस्ट

Next Post

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से साकार हो रहा दिव्य, भव्य व डिजिटल महाकुम्भ का सपनाः योगी आदित्यनाथ

Writer D

Writer D

Related Posts

Whatsapp
Main Slider

WhatsApp अकाउंट अचानक 24 घंटे के लिए हुआ लॉक? जानिए क्यों हो रही है कार्रवाई और कैसे बचें

04/08/2026
WhatsApp
Tech/Gadgets

WhatsApp Plus पर अब एक साथ 20 चैट कर सकेंगे पिन, बस करना होगा ये काम

04/08/2026
Telegram
Tech/Gadgets

केंद्र का Telegram को अल्टीमेटम, पायरेसी पर कार्रवाई कर 15 दिन में दें रिपोर्ट

04/07/2026
नए लुक में लॉन्च हुई Mahindra की धांसू इलेक्ट्रिक कार, 656 किमी है रेंज
Tech/Gadgets

नए अवतार में आई Mahindra की EV, एक चार्ज में चलेगी 656 किमी

03/07/2026
कार खरीदते समय न हों कंफ्यूज, आसान भाषा में समझिए FWD, RWD, AWD और 4×4 का फर्क
Tech/Gadgets

नई कार लेने जा रहे हैं? पहले समझिए FWD, RWD, AWD और 4×4

03/07/2026
Next Post
CM Yogi

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से साकार हो रहा दिव्य, भव्य व डिजिटल महाकुम्भ का सपनाः योगी आदित्यनाथ

यह भी पढ़ें

kareena kapur

करीना ने पहनी ऐसी ड्रेस की हो गई ट्रोल, यूजर्स बोले- मुंबई में जेब्रा कपूर

20/03/2021
Mrityu Panchak

आज से शुरू हो रहे हैं पंचक, अगले 5 दिन न करें ये काम

02/08/2023
Ganga Jal

सभी परेशानियां हो जाएंगी गायब, आज़माएँ ये आसान उपायों को अपनाकर

18/10/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version