• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जयंती विशेष : आजादी के महानायक शहीद मंगल पांडे के बारे में जानिए खास बातें

Desk by Desk
19/07/2020
in Main Slider, राष्ट्रीय, शिक्षा
0
मंगल पांडे जयंती

जयंती विशेष : आजादी के महानायक शहीद मंगल पांडे के बारे में जानिए खास बातें

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की बात उठते ही एक व्यक्ति का नाम सबकी जुबान पर आ जाता है, वो है मंगल पांडे का। आज मंगल पांडे की जयंती है। उनका जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। इस मौके पर हम आपको बताते हैं, भारत की स्वंतत्रता के लिए जान देने वाले इस अमर बलिदानी के जीवन से जुड़ी प्रमुख बातें।

मंगल पांडे के जन्मस्थान को लेकर मतभेद है। कुछ इतिहासकारों के अनुसार मंगल पांडे का जन्म फैजाबाद के करीब हुआ था। वहीं कुछ लोगों के अनुसार वो ललितपुर के पास स्थित एक गांव में जन्मे थे। कुछ अन्य दावों के अनुसार मंगल पांडे की पैतृक भूमि बलिया थी। वैसे तो पूरे देश में 19 जुलाई को क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती मनाई जाती है लेकिन उनके जन्म स्थान बलिया में 30 जनवरी को जयंती मनाई जाती है।

कंगना रनौत ने फिर साधा करण जौहर पर निशाना

मंगल पांडे 1850 के दशक में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नैटिव इन्फैंट्री की छठीं कंपनी में सिपाही के रूप में नियुक्त हुए थे। कोलकाता के निकट स्थित बैरकपुर स्थित ब्रिटिश छावनी में तैनात थे। आजादी की जंग में सबसे पहले अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजी हुकूमत के चूल हिलाने वाले शहीद मंगल पांडे में शुरू से ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का जज्बा था। उनके इसी जज्बे ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए बने आंदोलन में लोगों के अंदर स्वाभिमान जगाने का काम किया।

मंगल पांडे 22 वर्ष की आयु में ईस्ट इंडिया कंम्पनी की सेना में भर्ती हुए। उस समय सेना में धर्म के अनुसार वेशभूषा में रहने की छूट थी, हिंदू सिपाहियों के लिए माथे पर तिलक लगाना और मुसलमान सिपाहियों को दाढ़ी रखना आम बात थी। उस समय सेना में अंग्रेजों की ओर से सैनिकों को ईसाई बनाने का कुचक्र चल रहा था।

एड़ियों के दर्द को ना करें अनदेखा, इस तरह रहें सावधान

पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में एक फैक्ट्री थी,जहां कारतूस बनाए जाते थे, उस फैक्ट्री के अधिकांश कर्मचारी दलित समुदाय के थे। एक दिन प्यास लगने पर फैक्ट्री के एक कर्मचारी ने सैनिक मंगल पांडे से एक लोटा पानी मांगा। उन्होंने यह कहकर पानी देने से मना कर दिया कि वह अछूत है। कर्मचारी को यह बात चुभ गई।

उसने मंगल पांडे से कहा कि उस समय तुम्हारा धर्म कहां रह जाता है, जब बंदूक में कारतूस डालने से पहले उसे दांत से तोड़ते हो। उस कारतूस पर गाय और सूअर की चर्बी लगी होती है। वह दलित कर्मचारी मातादीन था। जिसने भारतीय सैनिकों की आंखें खोल दी। इसके बाद मंगल पांडे अंग्रेजों से बदला लेने के लिए मौके की तलाश में लग गए। 29 मार्च 1857 को मंगल पांडे ने अंग्रेजो के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया और परेड ग्राउंड में ही बगावत कर अंग्रेज अफसरों को मौत के घाट उतार दिया।

बिजली की बचत को लेकर EESL शुरू करेंगी ग्रामीण उजाला कार्यक्रम, 10 रुपए में देगी एक LED बल्ब  

तभी वहां कर्नल ह्वीलर पहुंचा, उसने सिपाहियों से मंगल पांडे को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। लेकिन एक भी सैनिक आगे नहीं आया। बाद में मंगल पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया। फौजी अदालत में उन पर मुकदमा चला और उन्हें फांसी की सजा सुनाई गयी। बलिया के बैरकपुर स्थित परेड मैदान में फांसी का मंच बनाया गया सात अप्रैल को सुबह फांसी दी जानी थी, परंतु जल्लाद ने फांसी देने से मना कर दिया।

अंत में कोलकाता से जल्लाद बुलाए गए और आठ अप्रैल को प्रात: 5:30 बजे मंगल पांडे को फांसी पर चढ़ा दिया गया। मंगल पांडे के इस बलिदान ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया। इनके बलिदान के बाद जगह-जगह अंग्रेजों के खिलाफ बगावत तेवर दिखाई देने लगे, जिसका परिणाम 15 अगस्त 1947 को सामने आया जब हमेशा के लिए अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए।

Tags: 24ghante online.comMangal Pandey Jayantirevolutionary Mangal Pandeysalutations to Mangal Pandeyspecial things related to Mangal Pandeyक्रांतिकारी मंगल पांडेमंगल पांडे को शत-शत नमनमंगल पांडे जयंतीमंगल पांडे से जुड़ी विशेष बातें
Previous Post

बाज़ार में आया गन्ने के वेस्ट से बना बायोमस्क, जिसे 30 बार कर सकते हैं इस्तेमाल

Next Post

बरेली : कोविड-19 अस्पताल में छत से फूटा झरना, देखें वायरल Video

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
उत्तराखंड

CM Dhami ने फिल्म ‘बाला गौरिया’ के टीजर एवं पोस्टर का लोकार्पण किया

26/08/2026
CM Dhami
Main Slider

नेपाल बाढ़ : मुख्यमंत्री ने जताया दुख, उत्तराखंड के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
UPTET 2026
Main Slider

UPESSC ने घोषित किया UPTET 2026 का परिणाम, 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी सफल

26/08/2026
1070 helpline issued to help citizens of Uttar Pradesh stranded in Nepal
Main Slider

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
CM Yogi
Main Slider

स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को स्कूटी अक्टूबर-नवंबर में: मुख्यमंत्री

26/08/2026
Next Post
कोविड-19 अस्पताल में छत से फूटा झरना

बरेली : कोविड-19 अस्पताल में छत से फूटा झरना, देखें वायरल Video

यह भी पढ़ें

भारत में भ्रष्टाचार में कमी का संकेत, करप्‍शन इंडेक्‍स में 82वें पायदान पर आया

09/12/2021
फरहान अख्तर

फरहान अख्तर के टैलेंट की दिवानी हुई गर्लफ्रेंड शिबानी दांडेकर

27/07/2020
Vicky Kusahal-Katrina Kaif

कटरीना संग विक्की ने सेलिब्रेट किया पहला क्रिसमस, तस्वीरों में दिखा रोमांटिक अंदाज

26/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version