• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज मनाई जाएगी कालाष्टमी, इस समय करें महादेव का रुद्राभिषेक

Writer D by Writer D
05/12/2023
in धर्म, फैशन/शैली
0
 Kalashtami

 Kalashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

काल भैरव जयंती (Kalashtami), हर साल मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष काल भैरव जयंती 5 दिसंबर को है। सनातन धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान शिव ने अंधकासुर का वध करने के लिए काल भैरव का अवतार लिया था। मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शाम को भगवान शिव ने काल भैरव देव का रूप धारण किया था।

भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव देव की पूजा करने से जीवन के व्याप्त सभी कष्ट, रोग, भय, काल और संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व होता है। आइए, जानें रुद्राभिषेक का शुभ मुहूर्त और विधि।

कालाष्टमी (Kalashtami) शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 दिसंबर को रात 9 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 6 दिसंबर को रात 12:37 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मानी जाती है। इसलिए भक्त 5 दिसंबर को काल भैरव के लिए व्रत रख सकते हैं और पूजा कर सकते हैं।

रुद्राभिषेक के लिए शुभ समय

इस तिथि पर देवों के देव महादेव और जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा साथ रहेंगे। इस दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ होता है। शुभ समय पर भगवान शिव का अभिषेक करने से घर में सुख-समृद्धि का प्रवेश होता है।

काल भैरव जयंती (Kalashtami) की तिथि पर 6 दिसंबर की रात 12.37 बजे तक भगवान शिव, मां गौरी के साथ रहेंगे। काल भैरव देव की पूजा निशा काल में की जाती है। निशा काल में भी भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।

Tags: kalashtamiKalashtami 2023Kalashtami dateKalashtami importanceKalashtami muhuratkalashtami vrat puja
Previous Post

मासूम के साथ लटकता मिला मां का शव

Next Post

Kaal Bhairav Jayanti: आज राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, टल जाएगी हर बला

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

दिवाली 2026: 8 या 9 नवंबर को मनेगी दीपावली? जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

14/10/2026
Main Slider

दुर्गाष्टमी या महानवमी, कब करें कन्या पूजन? जानें सही दिन और मुहूर्त

14/10/2026
Shardiya Navratri
धर्म

नवरात्रि में कलश स्थापना से पहले जुटा लें ये सामग्री, जानें पूरी लिस्ट

11/10/2026
Main Slider

नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने जा रहे हैं? जान लें सही दिशा और जरूरी सावधानियां

11/10/2026
Sharadiya Navratri
Main Slider

शारदीय नवरात्रि आज से, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

11/10/2026
Next Post
Kaal Bhairav jayanati

Kaal Bhairav Jayanti: आज राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, टल जाएगी हर बला

यह भी पढ़ें

तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी, मुंबई में 96 रुपए लीटर पहुंचा पेट्रोल का भाव

17/02/2021

बीजेपी का झण्डा लगी SUV में मिली युवक की लाश, जांच में जुटी पुलिस

19/04/2022
madan kaushik

सेवा ही संगठन है अभियान के माध्यम से जनसेवा जारी : मदन कौशिक

01/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version