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लौटे कांवड़िए, हरिद्वार में छोड़ गए 7 हजार मीट्रिक टन कचरा

Writer D by Writer D
12/08/2026
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
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Kanwariyas left behind 7,000 metric tonnes of garbage in Haridwar.

Kanwariyas left behind 7,000 metric tonnes of garbage in Haridwar.

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हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला (Kanwar Mela) संपन्न होने के बाद अब हरिद्वार को कचरे से मुक्त करने की बड़ी चुनौती सामने है। करीब 4 करोड़ 80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच घाटों, सड़कों और कांवड़ पटरी पर भारी मात्रा में कचरा जमा हुआ। मेला समाप्त होते ही नगर निगम समेत विभिन्न विभागों ने विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। निगम की टीमें दिन-रात सफाई में जुटी हैं।

सबसे पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। इसके बाद गंगा से सटे अन्य घाटों और प्रमुख मार्गों पर भी सफाई तेज कर दी गई। नगर निगम के करीब एक हजार कर्मचारी घाटों और शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई कार्य में जुटे हैं। जिला पंचायत और परिवहन विभाग की टीमें भी अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा हटाने में लगी हैं।

सात हजार मीट्रिक टन कचरा एकत्र

नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि कांवड़ मेले की शुरुआत से अब तक करीब 7 हजार मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया जा चुका है। इसमें शहर के सामान्य कचरे को अलग कर दें तो कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 4 से 4.5 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा निकला है। एकत्रित कचरे को सराय स्थित प्रोसेसिंग प्लांट और एमआरएफ सेंटर भेजा जा रहा है।

घाटों पर जमा प्लास्टिक और कपड़ों के कचरे को अलग करने के लिए विशेष सेग्रीगेशन टीमें लगाई गई हैं। निगम का प्रयास है कि कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर वैज्ञानिक तरीके से उसका निस्तारण और रीसाइक्लिंग किया जाए।

95 फीसदी घाटों की सफाई पूरी

नगर आयुक्त के अनुसार हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, नई घाट, अलकनंदा, बिरला और विष्णु घाट समेत करीब 95 फीसदी घाटों की सफाई पूरी कर ली गई है। डाक कांवड़ के दौरान सड़कों और संकरी गलियों में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण कई स्थानों पर कचरा जमा हो गया था। ऐसे स्थानों पर भी सफाई अभियान तेज कर दिया गया है।नगर निगम ने बुधवार शाम तक शहर के अधिकांश हिस्सों को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद भी अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त टीमें सफाई और निगरानी में जुटी रहेंगी।

परिवहन विभाग ने भी संभाली जिम्मेदारी

कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी सफाई अभियान में जुट गए हैं। विभाग की टीमों ने हरिद्वार बस स्टैंड और परिवहन विभाग के कार्यालय परिसर में सफाई कर कांवड़ यात्रा के दौरान जमा कचरे को हटाया।

एआरटीओ नेहा झा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जहां-जहां कचरा जमा था, वहां विशेष अभियान चलाकर सफाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कांवड़ पटरी पर जिला पंचायत का अभियान

हरिद्वार शहर से बाहर कांवड़ यात्रा मार्ग की सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत के पास है। कांवड़ पटरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमा कचरे को हटाने के लिए जिला पंचायत के कर्मचारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। अपर मुख्य अधिकारी महेश विश्नोई के नेतृत्व में फील्ड स्टाफ और कार्यालय कर्मचारियों की टीमें पटरी के विभिन्न हिस्सों में सफाई कर कचरा एकत्र कर रही हैं।

हरिद्वार को जल्द स्वच्छ बनाने पर जोर

कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद अब जिला प्रशासन का पूरा फोकस शहर और यात्रा मार्गों को जल्द से जल्द स्वच्छ बनाने पर है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।

कांवड़ मेला आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन इसके बाद पैदा हुआ हजारों टन कचरा यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या बड़े धार्मिक आयोजनों के साथ स्वच्छता की जिम्मेदारी भी श्रद्धालुओं की भागीदारी से नहीं निभाई जानी चाहिए?

Tags: Uttarakhand News
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