• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानिए आखिर क्या है श्राद्ध, पितृ पक्ष में श्राद्ध करने का है खास महत्व

Desk by Desk
07/09/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
Pitru Paksha 2020

श्राद्ध

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। आज आश्विन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और सोमवार का दिन है। पंचमी तिथि आज रात 9 बजकर 39 मिनट तक रहेगी। आज उन लोगों का श्राद्ध कर्म किया जायेगा, जिनका स्वर्गवास किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ हो। साथ ही जिनका देहांत अविवाहित अवस्था में, यानी कि शादी से पहले ही हो गया हो । इस दिन श्राद्ध कर्म करने वालों  को  प्रसाद में उत्तम लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

आज शाम 4 बजकर 37 मिनट तक ध्रुव योग रहेगा। किसी भी स्थिर कार्य जैसे  भवन या इमारत का इस योग में  निर्माण करने से सफलता मिलती है। कोई भी अस्थिर कार्य जैसे वाहन लेना इस योग में सही नहीं है। साथ ही आज पूरा दिन पूरी रात पार कर कल सुबह 8 बजकर 26 मिनट तक भरणी नक्षत्र रहेगा। 27 नक्षत्रों में से भरणी दूसरा नक्षत्र है। भरणी का अर्थ होता है- भरण-पोषण करना। इसका संबंध आंवले के पेड़ से बताया गया है। जिन लोगों का जन्म भरणी नक्षत्र में हुआ है उन्हें आज  आंवले के पेड़ की पूजा करनि चाहिए । इसके अलावा भरणी नक्षत्र में जन्मे लोगों को आंवले के पेड़ , फल  या उससे जुड़ी किसी अन्य चीज़ को नुकसान ना पहुचाएं और ना ही उसका सेवन करें।

पितृ पक्ष के दौरान भरणी नक्षत्र में अपराह्रन काल यानी दोपहर के समय भरणी श्राद्ध किया जाता है।  भरणी नक्षत्र चतुर्थी तिथि को पड़ता है तो इसे चौथ भरणी और पंचमी तिथि को पड़ने पर भरणी पंचमी कहा जाता है। तृतीया तिथि को पड़ने वाले भरणी श्राद्ध को महाभरणी श्राद्ध भी कहा जाता है। पितृ पक्ष के दौरान भरणी नक्षत्र का अत्‍यधिक महत्‍व है क्‍योंकि इसके स्‍वामी मृत्‍यु के देवता यमराज हैं। कहा जाता है कि भरणी श्राद्ध को तर्पण करने से गया में श्राद्ध करने जितना ही फल मिलता है।

Tags: Pind daanpind daan vidhipitru pakshaPitru Paksha 2020pitru paksha amavasya 2020Pitru Paksha Shradhshradhshradh paksha 2020Tarpantarpan vidhiपितृ पक्ष 2020श्राद्ध पक्ष 2020
Previous Post

जानिए महिलाओं के लिए किस उम्र में कौनसा योगासन रहेगा सही

Next Post

अगर शुरू हो गई है ये समस्याएं तो समझ लें आपके तन-मन पर हावी हो चुका है तनाव

Desk

Desk

Related Posts

Fried Green Chillies
Main Slider

इनके साथ खाने में लाएं तीखापन, बढ़ जाएगा खाने का जायका

27/06/2026
Tehri
फैशन/शैली

जन्नत से कम नहीं हैं टिहरी, जानें यहां के प्रसिद्द दर्शनीय स्थल

27/06/2026
New Year
धर्म

ऐसे घरों में कभी प्रवेश नहीं करतीं मां लक्ष्मी, बनी रहती है दरिद्रता

27/06/2026
Shani Jayanti
Main Slider

शनिवार के दिन करें ये अद्भुत उपाय, शनि देव रहेंगे मेहरबान

27/06/2026
Drone Didi
Main Slider

साय सरकार की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’

26/06/2026
Next Post
Negativity

अगर शुरू हो गई है ये समस्याएं तो समझ लें आपके तन-मन पर हावी हो चुका है तनाव

यह भी पढ़ें

CM Bhajan lal Sharma

मंदिरों से भारत की आध्याेत्मिक कीर्ति दुनियाभर में फैली- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

03/03/2025
Naxalites

नक्सलियों ने सरपंच का अपहरण कर उतारा मौत के घाट

29/06/2022
CM Dhami

राज्य में बनेगी 23 नई खेल अकादमियाँ, हर साल 920 इंटरनेशनल एथलीट तैयार होंगे: मुख्यमंत्री

30/11/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version