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जानें कब है गीता जयंती, क्यों हजारों वर्षों से है आज भी प्रासंगिक

Desk by Desk
10/12/2020
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
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gita

gita

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धर्म डेस्क। हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को गीता जयंती मनाई जाती है। मान्यता के अनुसार, इसी एकादशी के दिन से ठीक 5 हजार साल पहले द्वापर युग के दौरान कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्‍ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इसी दिन को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मोक्षदायिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस बार यह एकादशी 25 दिसंबर को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं क्या है गीता जयंती और क्या है इसका महत्व।

श्रीकृष्‍ण ने जिस तरह से प्रेम पाठ पढ़ाया था ठीक उसी तरह उन्होंने अर्जुन का पाठ पढ़ाया था। उन्होंने अपने ठीक उसी तरह से उन्‍होंने अर्जुन को भी ज्ञान की प्राप्ति कराई थी। साथ ही जीवन जीने का तरीका भी बताया था। ऐसी मान्यता है कि जब अर्जुन ने अपनों के खिलाफ शस्त्र उठाने से इंकार कर दिया था तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता रूपी ज्ञान दिया था। उन्‍होंने अर्जुन को बताया था कि भौतिक प्रकृति मेरी अध्‍यक्षता में कार्य करती है। जो घट रहा है वो नियंता के द्वारा ही घट रहा है। ऐसे में नियंता को कभी भी अस्‍वीकार नहीं करना चाहिए।

कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान का पाठ पढ़ाया था और गलत और सही का अंतर बतलाया था जिससे वो सही फैसला ले पाए और जीवन का सुदपयोग कर पाएं। गीता में जितने भी श्लोक वर्णित हैं उनमें जीवन जीने की अद्भुत कल सीखाई गई है। किस तरह हर परिस्थिति में धैर्य से काम लेना चाहिए यह सीखाया गया है। इसी के चलते आज भी हजार वर्षों से गीता जयंती प्रासंगिक है। इसके जरिए ही श्रीकृष्ण द्वारा कही गई गीता लोगों को अच्‍छे-बुरे कर्मों का फर्क समझाती है।

Tags: gitaGita Jayanti 2020Gita Jayanti DateGita Jayanti ImportanceGita Jayanti Kab HaiGita Jayanti SignificanceLifestyle and Relationshipreligion
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