• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें क्यों भोलेनाथ पर नहीं चढ़ाई जाती है तुलसी

Desk by Desk
27/07/2020
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। बम बम भोले… के जयकारों से आज पूरा देश गूंज रहा है। श्रावण मास में स्वयंभू शिव शंकर की आराधना की जाती है। सावन के हर सोमवार को लोग शिवलिंग की पूजा करते हैं और उन पर जल, केसर, चीनी (शक्कर), इत्र, दूध, दही, घी, चंदन, शहद और भांग अर्पित किए जाते हैं। साथ ही बिल्व पत्र और घतूरा समेत पुष्प भी अर्पित किए जाते हैं। इन सभी से शिव जी प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवलिंग पर कभी भी तुलसी अर्पित नहीं की जाती है? शायद कई लोग इस बात को जानते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो इस बात को नहीं जानते होंगे। ऐसे में हम आपको इसका पौराणिक कारण बता रहे हैं आखिर क्यों शिवजी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है।

एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार एक असुर था जिसका नाम जलंधर था। इसकी पत्नी का नाम वृन्दा था। जलंधर राक्षस से हर कोई त्रस्त था। लेकिन कोई भी उसकी हत्या नहीं कर पा रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि उसकी पत्नी वृन्दा बेहद पतिव्रता थी और उसके तप से कोई भी राक्षस का वध नहीं कर पा रहा था। एक दिन भगवान विष्णु ने जलंधर का रुप धारण किया और उन्होंने वृंदा की पतिव्रता धर्म को तोड़ दिया।

जब वृन्दा को यह बात पता चली तो उसने खुद को आग के हवाले कर दिया। जहां पर वृन्दा ने आत्मदाह किया था वहीं से तुलसी का पौधा उग गया था। ऐसे में वृन्दा ने शिव की पूजा में तुलसी को शामिल न करने का शाप दिया था।

ये चीजें भी नहीं होती हैं पूजा में शामिल:

तुलसी के अलावा शंख, नारियल का पानी, हल्दी, रोली को भी शिव पूजा में शामिल नहीं किया जाता है। इसके अलावा शिवजी को कनेर, कमल, लाल रंग के फूल, केतकी और केवड़े के फूल भी नहीं चढ़ाए जाते हैं।

Tags: Lifestyle and Relationshiplord shivareligionsawan 2020Shiva pujaShiva Vrattulsiतुलसी
Previous Post

कोई भी बंधा टूटने न पाए, इसके लिए तटबंधों की निरंतर करें निगरानी : योगी

Next Post

सीएम योगी बोले – 48 घंटे के अंदर ये सारी कमियां दूर कराएं

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

हल्द्वानी में व्यापारियों से बोले CM धामी- “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”

29/08/2026
CM Yogi conducted an aerial inspection of flood-affected villages in Ballia.
Main Slider

50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री योगी

29/08/2026
CM Dhami laid the foundation stone of Uttarakhand's first sports university.
Main Slider

उत्तराखंड के पहले क्रीड़ा विश्वविद्यालय का मुख्यमंत्री धामी ने किया शिलान्यास

29/08/2026
CM Dhami
Main Slider

उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार: मुख्यमंत्री धामी

29/08/2026
CM Yogi
Main Slider

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री

29/08/2026
Next Post
योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी बोले - 48 घंटे के अंदर ये सारी कमियां दूर कराएं

यह भी पढ़ें

International Gita Mahotsav

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का धूमधाम से हुआ शुभारंभ, CM नायब सिंह ने गीता यज्ञ में डाली पूर्णाहुति

05/12/2024
Electricity

बैकों के माध्यम से भी जमा होंगे बिजली बिल

28/11/2023
Sushil Wrestler

गिरफ्तारी से बचने के लिए पहलवान सुशील ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका

18/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version