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लगने वाला है साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, तुलसी के पत्तों का ऐसे करें इस्तेमाल

Writer D by Writer D
08/11/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
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Chandra Grahan

Chandra Grahan

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भारतीय संस्कृति में तुलसी का विशेष महत्व बताया गया है। तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। तुलसी का पौधा सिर्फ आस्था का प्रतीक ही नहीं है बल्कि ये पौधा सेहत के लिए भी लाभदायक होता है। ग्रहण के दौरान भी तुलसी का इस्तेमाल बेहद शुभ माना जाता है। 08 नवंबर 2022 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन यानी आज चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) लग रहा है। ग्रहण के दिन पानी और भोजन में तुलसी के पत्ते डालना सबसे जरूरी माना जाता है। साथ ही चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) क्योंकि शाम के समय लगता है इसलिए इस दिन तुलसी तोड़ना भी निषेध माना जाता है।

ग्रहण (Chandra Grahan) के दौरान तुलसी के पत्ते न तोड़ें

सूतक लगने को बाद ग्रहण में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। दरअसल, तुलसी के पत्ते ग्रहण से पहले ही तोड़कर रख लेने चाहिए। माना जाता है कि सूतक लगने के बाद तुलसी के पत्ते तोड़ने से बह्महत्या का पाप लगता है। साथ ही रविवार के दिन भी तुलसी तोड़ने से पाप लगता है।

इस समय पूजा करना और खाना पीना भी मना होता है। इसलिए सूतक लगने से पहले ही खाने पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए। वैज्ञानिकों के अनुसार, तुलसी के पत्तों में पारा मौजूद होता है। पारा में किसी प्रकार की किरणों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। मान्यता है कि ग्रहण के समय आकाश और ब्रह्मांड से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा तुलसी के पास आते ही निष्क्रिय हो जाती है। इससे तुलसी के पत्ते जो भी चीजें डालते हैं, वे चीजें वातावरण में मौजूद किरणों के नकारात्मक प्रभाव से बच जाती हैं। इसलिए उन चीजों को शुद्ध माना जाता है।

चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) के दौरान तुलसी का प्रयोग

नहाने के पानी में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल

चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद नहाने के पानी में तुलसी के पत्तों को डालना चाहिए। इससे पानी शुद्ध हो जाता है। और उस शुद्ध पानी से स्नान करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से ग्रहण का अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है।

खाने पीने की चीजों में डालें तुलसी

ग्रहण के दौरान खाने पीने की चीजों में तुलसी डाल देनी चाहिए, खाना शुद्ध हो जाता है और खाने पर ग्रहण का प्रभाव भी नहीं पड़ता है। ग्रहण का सूतक शुरू होने से पहले दूध और दही जैसी चीजों में तुलसी डालकर रख देनी चाहिए।

तुलसी को हाथ में पकड़ें

जब तक ग्रहण समाप्त नहीं होता है तब तक अपने हाथों में तुलसी को रख सकते हैं, इससे शरीर पर ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

चंद्र ग्रहण का समय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 09 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में सुबह 08 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है। साथ ही भारत में चंद्र ग्रहण का 08 नवंबर 2022 यानी आज शाम 05 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन 06 बजकर 20 मिनट पर होगा।

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