लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के सचिव हरिकेश चौरसिया ने लेखपाल परीक्षा परिणाम को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि आयोग द्वारा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ रिजल्ट जारी किया गया है। परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और आयोग लगातार निष्पक्षता के साथ परीक्षाओं का आयोजन कर रहे हैं। परीक्षाओं के परिणाम भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सही तरीके से घोषित किए जा रहे हैं। आयोग की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित है, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में रिजल्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है।
सचिव ने कहा कि परीक्षा परिणामों को लेकर आरोप लगाने वालों के पास यदि कोई तथ्य हैं, तो उन्हें सामने रखना चाहिए। बिना किसी ठोस तथ्य के आरोप लगाना उचित नहीं है। कुछ लोग या तो अपने माता-पिता को गुमराह कर रहे हैं या फिर किसी बाहरी उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की प्राथमिकता अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ आयोग लगातार कार्य कर रहा है और भविष्य में भी परीक्षाओं तथा परिणामों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूपीएसएसएससी ने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा 2025 की मुख्य लिखित परीक्षा का रिजल्ट 11 सितंबर 2026 को जारी किया है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर अपना परिणाम देख सकते हैं। इस परीक्षा के जरिए 7,994 लेखपाल पदों पर भर्ती होनी है। मुख्य लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर कुल 28,409 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को अब अभिलेख परीक्षण (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आयोग ने कहा कि यह मुख्य लिखित परीक्षा का रिजल्ट है, अंतिम चयन सूची नहीं है। अंतिम चयन दस्तावेज सत्यापन और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी होगा।







