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उत्तर प्रदेश में निवेशकों की पहली पसंद बना मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

Writer D by Writer D
05/02/2023
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
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Manufacturing sector

Manufacturing sector

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में निवेश के अनुकूल जो माहौल बनाया है उसके चलते दुनिया भर के निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर उत्साहित हैं। 10-12 फरवरी को होने जा रही यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (UP GIS) से पहले ही सरकार को विभिन देशों, देश के बड़े महानगरों, प्रदेश के अंदर मंडलों, जनपदों और विभागों की ओर से किए गए निवेशक सम्मेलनों व रोड शो के माध्यम से करीब 21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि निवेश के जो प्रस्ताव या एमओयू हुए हैं, उनमें सबसे ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing sector) को लेकर है। 56 प्रतिशत के करीब निवेश इसी सेक्टर में किया जाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईज ऑफ डूइंग के साथ ही ईज ऑफ स्टार्टिंग बिजनेस का जो मंत्र दिया था, उसके दृष्टिगत कई देसी-विदेशी कंपनियां यहां अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाकर यूपी से ही अपने बिजनेस को विस्तार देने की योजना बना रही हैं।

मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing sector) सबसे पसंदीदा सेक्टर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को आगामी पांच वर्षों में वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए फरवरी में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन से पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्रियों और अधिकारियों की कई टीमों ने 16 देशों के 21 शहरों के अलावा देश के बड़े महानगरों में रोड शो के माध्यम से निवेशकों को यूपीजीआईएस के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, बिजनेस टू गवर्नमेंट मीटिंग के दौरान बिजनेस समुदाय के साथ प्रदेश में निवेश को लेकर चर्चा की गई। इसका जबर्दस्त रिस्पॉन्स देखने को मिला और तमाम कंपनियों ने प्रदेश में निवेश का अपना इरादा जाहिर किया। इनमें से कई ने तो ऑन द स्पॉट एमओयू भी कर लिया।

जानकारी के अनुसार निवेश प्रस्तावों और एमओयू में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सबसे कॉमन सेक्टर रहा। विदेश और देश की कंपनियां प्रदेश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए लालायित हैं। कई कंपनियां नई यूनिट के माध्यम से अपने व्यापार को विस्तार देना चाहती हैं तो कई ऐसी भी हैं, जो पहली बार यूपी में अपने प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने वाली हैं।

एग्रीकल्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी रहे डिमांड में

यदि नंबर्स की बात करें तो कुल प्रस्तावों और एमओयू में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दबदबा कायम करते हुए सबसे ज्यादा 56 प्रतिशत पर अपना अधिकार जमाया है। वहीं, दूसरे नंबर पर एग्रीकल्चर सेक्टर रहा है, जिसमें 15 प्रतिशत निवेश के प्रस्ताव और एमओयू मिले हैं। 8 प्रतिशत के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर तीसरे, 7 प्रतिशत के साथ टेक्सटाइल चैथे और 5 प्रतिशत के साथ टूरिज्म पांचवें नंबर पर रहा है। हैं।

योगी सरकार की नीतियों का दिख रहा असर

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर निवेशकों में जो उत्साह देखने को मिला है, उसके पीछे योगी सरकार की नीतियों का अहम योगदान है। औद्योगिक विकास और एमएसएमई जैसी नीतियों में योगी सरकार ने प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कई तरह की राहतें प्रदान की हैं। इसमें लैंड बैंक, स्टांप ड्यूटी में छूट समेत कई अन्य राहतें शामिल हैं। यहां तक कि महिला के नाम पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने पर अतिरिक्त राहत प्रदान की गई है। इन सभी फैक्टर्स ने निवेशकों को यूपी में अपनी यूनिट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

पश्चिमांचल में सबसे ज्यादा निवेश को उत्सुक हैं उद्यमी

क्षेत्र की बात करें तो प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा जिसे पश्चिमांचल भी कहा जाता है इस मामले में कहीं आगे निकल गया है। कुल निवेश प्रस्तावों और एमओयू का 45 प्रतिशत हिस्सा खासतौर पर इसी क्षेत्र में के लिए प्राप्त हुआ है। इसके पीछे सबसे अहम वजह इस क्षेत्र का राजधानी दिल्ली से जुड़ाव होने के साथ ही यहां का बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर भी है। पश्चिमांचल के साथ ही प्रदेश का पूर्वी हिस्सा यानी पूर्वांचल भी निवेशकों के लिए बेहतर गंतव्य रहा है। यह स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी कर्मभूमि है। इस क्षेत्र को भी औद्योगिक नीति के तहत कई तरह की रियायतें मिली हैं। इस क्षेत्र को कुल निवेश का 29 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ है। वहीं, मध्यांचल और बुन्देलखण्ड को भी 13-13 प्रतिशत निवेश के प्रस्ताव और एमओयू मिले हैं।

Tags: Lucknow Newsup gisup gis 2023
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