बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी (Maulana Razavi) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड के कामकाज की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई गई तो वक्फ संपत्तियों से जुड़े ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जो बड़े वित्तीय घोटाले का रूप ले सकते हैं।
मौलाना रजवी ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न मंचों से वक्फ बोर्ड का मुद्दा उठाते रहे हैं। ऐसे में अब सरकार को आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया में देरी नहीं करनी चाहिए।
सपा सरकार के दौरान अनियमितताओं का लगाया आरोप
पत्र में मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ की जमीनों और संपत्तियों की खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। उनका कहना है कि इस दौरान वक्फ की संपत्तियों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और कई मामलों में नियमों की अनदेखी की गई।
वक्फ संपत्तियों के उद्देश्य का किया जिक्र
मौलाना रजवी ने कहा कि वक्फ की जमीनें और संपत्तियां समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद के उद्देश्य से दान की गई थीं। उनका कहना है कि इनसे होने वाली आय का उपयोग गरीबों, अनाथों, जरूरतमंद परिवारों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे जनकल्याणकारी कार्यों में होना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कर मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचाया है। इसी वजह से उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितताएं मिलें तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।








