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देश में प्राकृतिक गैसके दाम आ सकते हैं 10 साल के निचले स्तर पर

Desk by Desk
16/08/2020
in राष्ट्रीय
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gas pipeline

प्राकृतिक गैस

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नई दिल्ली| देश में प्राकृतिक गैस के दाम अक्टूबर से घटकर 1.9 से 1.94 डॉलर प्रति इकाई पर आ सकते हैं। यह देश में पिछले एक दशक से अधिक में प्राकृतिक गैस कीमतों का सबसे निचला स्तर होगा। इससे ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) जैसी गैस उत्पादक कंपनियों का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इन कंपनियों को पहले से ही गैस उत्पादन पर भारी नुकसान हो रहा है।

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एक साल में यह गैस कीमतों में लगातार तीसरी कटौती होगी। इससे पहले अप्रैल में गैस कीमतों में 26 प्रतिशत की बड़ी कटौती हुई थी, जिससे इसके दाम घटकर 2.39 डॉलर प्रति इकाई रह गए थे।

गैस के दाम प्रत्येक छह माह में, एक अप्रैल और एक अक्टूबर को तय किए जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि गैस कीमतों में कटौती का मतलब है कि देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक ओएनजीसी का घाटा और बढ़ जाएगा। ओएनजीसी को 2017-18 में गैस कारोबार में 4,272 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। सूत्रों ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में इसके बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है।

मई, 2010 में सरकार ने बिजली और उर्वरक कंपनियों को बेची जाने वाली गैस का दाम 1.79 डॉलर प्रति इकाई से बढ़ाकर 4.20 डॉलर प्रति इकाई किया था। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को उन्हें नामांकन के आधार पर दिए गए क्षेत्रों से गैस उत्पादन के लिए 3.818 डॉलर प्रति इकाई का दाम मिलता था। इसमें 10 प्रतिशत रॉयल्टी जोड़ने के बाद उपभोक्ताओं के लिए इसकी लागत 4.20 डॉलर बैठती थी।

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इस फॉर्मूला के जरिये पहले संशोधन के समय गैस के दाम 5.05 डॉलर प्रति इकाई रहे, लेकिन इसके बाद छमाही संशोधन में गैस के दाम नीचे आते रहे। अप्रैल, 2017 से सितंबर, 2017 की अवधि के दौरान गैस के दाम 2.48 डॉलर प्रति इकाई पर आ गया।  अप्रैल, 2019 से सितंबर, 2019 के दौरान यह बढ़कर 3.69 डॉलर पर पहुंच गया। उसके बाद अक्टूबर, 2019 में 3.23 डॉलर प्रति इकाई पर आ गए।

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