उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पूरी तरह ढालने की तैयारी में है। इसी कड़ी में सत्र 2027-28 से कक्षा 5 से 8 तक भी एनसीईआरटी की किताबें लागू करने का फैसला लिया गया है। इसके बाद प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पहली से बारहवीं तक सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा।
इस योजना पर बेसिक शिक्षा विभाग ने अपनी सहमति दे दी है, जिसके बाद एससीईआरटी ने पुस्तकों के स्थानीयकरण का कार्य शुरू कर दिया है। नई पुस्तकों में लगभग 20 फीसदी सामग्री उत्तर प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विशेषताओं से संबंधित होगी।
सरकार का उद्देश्य देशभर में पढ़ाई की गुणवत्ता और पाठ्यक्रम में समानता लाना है। साथ ही छात्रों का शैक्षणिक बोझ कम करते हुए उन्हें कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना भी प्राथमिकता में शामिल है।
नई व्यवस्था के तहत पांचवीं कक्षा से ही स्किल डेवलपमेंट पर आधारित पाठ शामिल किए जाएंगे। विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर पर विभिन्न व्यावसायिक कौशलों की जानकारी दी जाएगी, जिसे आगे की कक्षाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि एनसीईआरटी की पुस्तकें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी मानी जाती हैं। ऐसे में इस बदलाव से प्रदेश के लाखों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।









