अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कुख्यात आपराधिक संगठन ट्रेन डी अरागुआ के सरगना हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुरेरो (Nino Guerrero) को एक सैन्य अभियान में मार गिराया है। ट्रंप ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना की दक्षिणी कमान (SOUTHCOM) ने एक तेज और घातक कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें नीनो गुरेरो (Nino Guerrero) को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि यह ऑपरेशन वेनेजुएला सरकार के सहयोग से किया गया।
ट्रंप ने साझा किया हमले का वीडियो
ट्रंप ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक इमारत पर हमला होने और उसके बाद आग लगने का दृश्य दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस दावे को लेकर व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी दक्षिणी कमान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि ट्रेन डी अरागुआ जैसे संगठनों के लिए अब दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपराधियों और ड्रग माफियाओं को दुनिया के किसी भी कोने से खोज निकालने की क्षमता रखता है।
अमेरिका में आतंकी संगठन घोषित है ट्रेन डी अरागुआ
अमेरिका पहले ही ट्रेन डी अरागुआ को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। नीनो गुरेरो (Nino Guerrero) के खिलाफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में आपराधिक साजिश, ड्रग तस्करी, हिंसा, जबरन वसूली और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने जैसे कई गंभीर आरोप दर्ज थे।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग का आपराधिक नेटवर्क उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ था। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरेरो की गिरफ्तारी या उसके बारे में जानकारी देने वाले के लिए 50 लाख डॉलर (करीब 48 करोड़ रुपये) तक का इनाम घोषित किया था।
क्या है ट्रेन डी अरागुआ?
ट्रेन डी अरागुआ को वेनेजुएला का सबसे बड़ा और प्रभावशाली आपराधिक गिरोह माना जाता है। इसकी शुरुआत अरागुआ राज्य की टोकोरोन जेल से हुई थी, लेकिन समय के साथ यह एक अंतरराष्ट्रीय अपराध संगठन में बदल गया।
वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर हुए पलायन के दौरान इस गैंग ने अपना नेटवर्क कई देशों तक फैला लिया। कोलंबिया, पेरू और चिली समेत कई देशों में इसके सदस्य सक्रिय बताए जाते हैं। संगठन पर हत्या, अपहरण, मानव तस्करी, ड्रग तस्करी और उगाही जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
2023 में चला था बड़ा अभियान
सितंबर 2023 में वेनेजुएला सरकार ने करीब 11 हजार सुरक्षाकर्मियों और सैनिकों की मदद से टोकोरोन जेल पर बड़ा अभियान चलाया था। इस कार्रवाई में गैंग के प्रमुख ठिकाने को ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन संगठन के कई शीर्ष सदस्य फरार होने में सफल रहे थे।
ट्रंप और उनके सहयोगियों का आरोप रहा है कि अमेरिका के कुछ शहरों में बढ़ती हिंसा और अवैध ड्रग कारोबार के पीछे ट्रेन डी अरागुआ जैसे संगठनों की भूमिका रही है। फिलहाल ट्रंप के ताजा दावे की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।









