राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) ने शनिवार को राम मंदिर में सामने आए दान चोरी प्रकरण को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे “कलंक” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े सभी लोग स्वयं को छोटा महसूस कर रहे हैं और उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
अयोध्या के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर परिसर में सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
जुलाई के अंत तक पूरे होंगे प्रमुख निर्माण कार्य
राम मंदिर निर्माण की प्रगति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुराने मंदिर स्मारक का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। यहां जल्द ही 24 घंटे अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि हुतात्मा स्मारक का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, 30 जुलाई तक राम मंदिर के सभी प्रमुख निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
चहारदीवारी और ऑडिटोरियम का काम जारी
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि फिलहाल मंदिर परिसर की चार किलोमीटर लंबी चहारदीवारी का निर्माण कार्य शेष है, जिसे 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा राम मंदिर परिसर में बनने वाला ऑडिटोरियम दिसंबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है।
राम कथा संग्रहालय की स्टोरीलाइन तैयार
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों की स्टोरीलाइन तैयार कर ली गई है। अब संग्रहालय में दिखाई जाने वाली वीडियो प्रस्तुति को लेकर होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन से जुड़े एक अन्य सवाल पर नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति अंतिम निर्णय करेगी।








