• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जन्माष्टमी के दिन कान्हा को लगाएं पंजीरी का भोग, जानें महत्व

Writer D by Writer D
25/08/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Panjiri

Panjiri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

26 अगस्त यानी सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami) पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री कृष्ण मंदिरों में इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। रात 12 बजे श्री कृष्ण जन्म के समय विशेष आरती की जाएगी। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण को माखन मिश्री और लड्डू सहित कई अन्य वस्तुएं प्रसाद के तौर पर अर्पित की जाती है। इन सभी वस्तुओं में खासतौर से पंजीरी (Panjiri) का भोग भी लगाया जाता है।

पंजीरी (Panjiri)  धनिया और शक्कर से तैयार की जाती है। पंजीरी बनाने में घी और इलायची का भी उपयोग किया जाता है। यहां आपको बताते हैं पंजीरी का क्या धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व है।

जन्माष्टमी (Janmashtami) 2024 तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग की मानें तो इस बार 26 अगस्त (सोमवार) को मनाया जाएगा। सुबह 3 बजकर 40 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू होगी और अगले दिन यानी 27 अगस्त को सुबह 2 बजकर 19 मिनट पर इसका समापन होगा। पूजा का शुभ समय मध्य रात्रि 12:02 से रात्रि 12:45 तक रहेगा। व्रत का पारण 27 अगस्त को सुबह 6:36 तक किया जा सकता है।

ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल जन्माष्टमी पर चंद्रमा, वृषभ राशि में विराजित रहेंगे, जिससे जयंती योग का निर्माण होगा। इस योग में पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है।

क्या है धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण को माखन के साथ पंजीरी (Panjiri)  भी प्रिय है। ऐसे में पूजा के दौरान श्री कृष्ण को पंजीरी का भोग भी लगाया जाता है।

क्या है आयुर्वेदिक महत्व

दरअसल, जन्माष्टमी (Janmashtami) पर्व वर्षा ऋतु के दौरान आता है। इस दौरान वात, पित्त और कफ की समस्याएं रहती है। साथ ही वायरल भी तेजी से फैलता है। ऐसे में धनिया के सेवन से इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। धनिया में कई गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी पर धनिया पंजीरी (Panjiri)  बनाई जाती है।

Tags: janmashtamiJanmashtami BhogJanmashtami PujaJanmashtami2024
Previous Post

जन्माष्टमी के दिन करें ये उपाय, व्यापार में मिलेगी तरक्की

Next Post

लड्डू गोपाल को लगाएं नारियल पाग का भोग, ऐसा प्रसाद जो देता है सबको आनंद

Writer D

Writer D

Related Posts

Face Pack
Main Slider

चेहरे की खो गई है रौनक, वापस पाने के लिए ट्राई करे ये फेसपैक

29/06/2026
Jeera Aloo
Main Slider

इस तरह से बनाए ये खास रेसिपी, आपको दिवाना बना देगा लाजवाब स्वाद

29/06/2026
Sunscreen
Main Slider

सही सनस्क्रीन का चुनाव कैसे करें, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

29/06/2026
Business
Main Slider

घर में लगाएं ये तस्वीर, कारोबार में मिलेगी सफलता

29/06/2026
Gemstones
Main Slider

इन रत्नों से प्रॉब्लम्स हो जाएंगी दूर, जानें पहनने के नियम

29/06/2026
Next Post
Nariyal Paag

लड्डू गोपाल को लगाएं नारियल पाग का भोग, ऐसा प्रसाद जो देता है सबको आनंद

यह भी पढ़ें

MSME

MSME को IT साफ्टवेयर पर ध्यान देने की जरूरत : पाल

19/08/2020
Actor Dalip Tahil's son Dhruv arrested in drugs case

ड्रग्स केस में अभिनेता दलीप ताहिल का बेटा ध्रुव हुआ गिरफ्तार

06/05/2021
surya pratap shahi

सीएम योगी के काम और उपलब्धियों पर चुनाव लड़ेगी बीजेपी : शाही

01/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version