• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

Pauranik Kathayen: भगवान शिव ने काल को दिया था प्राण दान

Desk by Desk
03/10/2020
in Main Slider, फैशन/शैली
0
pradosh vrat in 2020

भगवान शिव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। भगवान शिव को कालों के काल महाकाल हैं। साक्षात् मृत्यु में भी उनका सामना करने का साहस नहीं है। वे मृत्युंजय हैं, अविनाशी हैं, आदि हैं, अनंत हैं। भगवान शिव इतने भोले हैं कि वे अपने भक्त की पुकार पर दौड़े चले आते हैं। उसे मनचाहा वरदान देते हैं और उसके मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं। आज हम आपको लिंगपुराण की एक कथा के बारे में बताते हैं, जिसमें काल को भगवान शिव ने प्राण दान दिया और अपने भक्त के विश्वास को टूटने नहीं दिया। आइए पढ़ते हैं यह पौराणिक कथा।

भगवान शिव के परमभक्त श्वेतमुनि पर्वत पर एकांत में अपने आराध्य का ध्यान करते और उनकी पूजा करते थे। वे कहते थे कि मृत्यु उनका क्या कर सकती है? उन्होंने तो साक्षात् महाकाल की शरण ली हुई है। उनके आश्रम में शांति और आत्मविश्वास की पवित्रता झलकती थी। उनके तप के बल से आश्रम दिव्यमान था।

श्वेतमुनि अपने जीवन काल के अंतिम पड़ाव पर थे। वे मृत्यु से निडर होकर रुद्र अध्याय का पाठ कर रहे थे। उनके जीवन ​का अंतिम श्वास चल रहा था। अचानक वे चौंक पड़े, उनके समक्ष एक विकराल आकृति खड़ी थी। पूरा शरीर काला था और उसने काले वस्त्र धारण कर रखे थे। श्वेतमुनि ने अपने आश्रम के शिवलिंग को करुणामय होकर देखा और ओम नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण किया। उन्होंने शिवलिंग को स्पर्श किया और उस विकराल आकृति से पूछा कि तुमने इस पवित्र आश्रम को अपवित्र करने की हिम्मत कैसे की? इस आश्रम को तो भगवान शिव की कृपा से अभय का आशीष प्राप्त है। उन्होंने दोबारा शिवलिंग को स्पर्श किया।

विकराल आकृति वाले काल ने अपना परिचय देते हुए ​​कहा कि अब आप पृथ्वी पर नहीं रह सकते हैं। आपको यमलोक चलना है। इस पर श्वेतमुनि ने शिवलिंग को अपने हाथों से कसकर पकड़ लिया और कहा कि तुमने शिव की भक्ति को चुनौती दी है, क्या तुम्हें नहीं पता है कि भगवान शिव तो स्वयं ही काल के भी काल महाकाल हैं। इस पर काल ने कहा कि शिवलिंग शक्तिविहीन है, निश्चेतन है, पत्थर में महादेव की कल्पना एक भूल है। काल ने श्वेतमुनि को पाश में बांध लिया।

Tags: Lifestyle and Relationshiplord shivaLord Shiva And Shwet muni KathaPauranik KathayenShwet muni
Previous Post

समय की मांग है युवाओं को विज्ञान में रूचि लेनी चाहिए : मोदी

Next Post

प्रियंका का योगी सरकार पर हमला, कहा- कुछ मोहरों को सस्पेंड करने से क्या होगा

Desk

Desk

Related Posts

Potato Pinwheel
Main Slider

घर आएं गेस्ट के लिए झटपट बनाएं चटपटे पोटेटो पिनवील

19/07/2026
Hair
फैशन/शैली

बेजान बालों के लिए रामबाण है ये दूध, हेयर हो जाएंगे सॉफ्ट और शाईनी

19/07/2026
Broom
धर्म

इस जगह झाड़ू रखने से घर में होगा दरिद्रता का वास

19/07/2026
Basuri
धर्म

घर के इस हिस्से में रखें बांसुरी, मिलेगी तरक्की

19/07/2026
chutney
Main Slider

इसका जायका खाने में लगाएगा स्वाद का तड़का, देखें रेसिपी

19/07/2026
Next Post

प्रियंका का योगी सरकार पर हमला, कहा- कुछ मोहरों को सस्पेंड करने से क्या होगा

यह भी पढ़ें

CM Vishnudev Sai

सीएम साय से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने की मुलाकात

02/05/2024

धनतेरस से दिवाली तक नहीं कटेगी बिजली, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

02/11/2021
अब पूर्वी लद्दाख के देमचॉक में दिखा चीनी टेंट, राहुल गांधी बोले- ‘मोदी को नहीं पता चीन से कैसे निपटा जाये’

अब पूर्वी लद्दाख के देमचॉक में दिखा चीनी टेंट, राहुल गांधी बोले- ‘मोदी को नहीं पता चीन से कैसे निपटा जाये’

26/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version