पंजाब की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 882 मेधावी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में शानदार सफलता हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि इस वर्ष नीट का पेपर लीक होने की वजह से पहली परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसके उपरांत देश भर में पुनः परीक्षा आयोजित की गई थी और हाल ही में इसके अंतिम परिणाम घोषित किए गए हैं।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नीट परीक्षा पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी और उनके चिकित्सा क्षेत्र में उज्ज्वल व स्वर्णिम भविष्य की कामना की। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक बार फिर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिखाया है कि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कठोर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 882 विद्यार्थियों का नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफल होना राज्य में चल रही ‘शिक्षा क्रांति’ के दूरगामी प्रभाव और सरकारी शिक्षकों के अटूट समर्पण का स्पष्ट प्रमाण है।
वर्ष 2026 के ये परिणाम राज्य के सरकारी स्कूलों के निरंतर बढ़ते शैक्षणिक मानकों की एक स्पष्ट मिसाल प्रस्तुत करते हैं। आंकड़ों के दृष्टिकोण से देखें तो वर्ष 2024 में पंजाब के सरकारी स्कूलों से 437 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 847 तक पहुंच गया था। इस वर्ष 882 विद्यार्थियों की सफलता वर्ष 2024 की तुलना में 100 प्रतिशत से अधिक की भारी वृद्धि को दर्शाती है। शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि पेपर लीक और पुनः परीक्षा जैसी बड़ी मानसिक बाधाओं के बावजूद हमारे बच्चों द्वारा हासिल की गई यह उपलब्धि वास्तव में काबिले तारीफ है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी के चक्र को समाप्त करने और किसी भी परिवार को नई सामाजिक-आर्थिक दिशा देने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी नीट में सरकारी स्कूल के बच्चों का यह शानदार प्रदर्शन यह साबित करता है कि जब बच्चों को उचित सरकारी सहायता और अनुकूल वातावरण दिया जाता है, तो वे किसी भी मुकाम को हासिल करने में सक्षम हैं।
इस वर्ष नीट परीक्षा में सफलता पाने वाले विद्यार्थियों में लुधियाना जिले के ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’, सेखेवाल के छात्र प्रतीक कुमार की सफलता की कहानी राज्य के शिक्षा सुधारों के व्यापक और सकारात्मक प्रभाव को गहराई से उजागर करती है। मात्र 16,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करने वाले एक निजी स्कूल शिक्षक के बेटे प्रतीक ने नीट-यूजी 2026 में 720 में से 594 अंक हासिल करते हुए 99.3 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त किए हैं। प्रतीक ने अपनी इस सफलता का श्रेय पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के “पेस” (PACE) कार्यक्रम के तहत मिली निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाओं और मॉक टेस्टों को दिया है। भविष्य में एक कुशल ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) बनकर मरीजों की सेवा करने का सपना देखने वाले प्रतीक की यह उपलब्धि दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और सरकारी सहयोग से वित्तीय बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है।
प्रतीक के पिता ने भावुक होते हुए कहा कि वे हमेशा से यह मानते आए हैं कि शिक्षा ही उनके परिवार की किस्मत बदलने का एकमात्र जरिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा दी गई निःशुल्क कोचिंग और मॉक टेस्ट की सुविधा ने उनके बेटे के सपनों को नई उड़ान दी, और आज नीट परीक्षा पास होने पर पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
नीट परीक्षा में पंजाब के विद्यार्थियों की यह ऐतिहासिक सफलता राज्य के शैक्षणिक विकास को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की शुरुआत में जारी नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का शीर्ष दर्जा हासिल किया था। शिक्षा मंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार मेंटरशिप और परीक्षा की तैयारी के लिए हर आवश्यक साधन प्रदान कर रही है तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार हर बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने और उसे विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









