लखनऊ: कमता स्थित अवध बस स्टेशन पर रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चालक-परिचालकों ने अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि निजी बसों और आर्टिका जैसी गाड़ियों के कारण रोडवेज को यात्री नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनकी कमाई पर भी असर पड़ रहा है।
निजी वाहनों से रोडवेज को नुकसान का आरोप
चालक-परिचालकों का कहना है कि बस स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने किए गए डायवर्जन के कारण निगम की बसें यात्रियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। जिन स्थानों पर रोडवेज बसों को सवारी लेने के लिए पहुंचना चाहिए, वहां निजी बसें और अन्य वाहन यात्रियों को ले जा रहे हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक, इससे परिवहन निगम की आय प्रभावित हो रही है। निर्धारित आय का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर उनके वेतन से कटौती की जाती है। वे इस व्यवस्था को समाप्त करने और 50 प्रतिशत आय की बाध्यता हटाने की मांग कर रहे हैं।
अधिकारियों से बातचीत के बाद भी नहीं निकला हल
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मामले की जानकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं, पुलिस प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत के साथ तनातनी की स्थिति बनी हुई है। बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
16 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन का ऐलान
इधर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की अवध डिपो शाखा ने लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। शाखा अध्यक्ष सुरेश कुमार वर्मा और मंत्री कान्तेश कुमार शर्मा के मुताबिक, कर्मचारियों की समस्याओं और कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को लेकर 7 अक्टूबर को नोटिस दिया गया था।
परिषद के अनुसार, 9 और 12 अक्टूबर को प्रबंधन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ताओं में भी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में पूर्व घोषित आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेगा।
परिषद ने 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि आंदोलन से पहले या उसके दौरान किसी कर्मचारी के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई हुई तो उसका विरोध किया जाएगा। परिषद ने निगम प्रशासन से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने और वार्ता में बनी सहमतियों को लागू करने की मांग की है।
अब यात्रियों की परेशानी दूर करने और बसों का संचालन सामान्य करने के लिए परिवहन निगम प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर नजर रहेगी।









